3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चकबंदी से परेशान दो सगे भाई चढ़ गए टावर पर तो प्रशासन के उड़े होश

किसानों के टावर पर चढ़ने से प्रशासन में मचा हड़कंप
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मेरठ

•

image

Iftekhar Ahmed

•

Updated: 20 Jun 2018, 7:39 PM IST

farmers

चकबंदी से परेशान दो सगे भाई चढ़ गए टावर पर तो प्रशासन के उड़े होश

बागपत. जिला प्रशासन से परेशान किसानों ने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया। दोनों पीड़ित किसान सगे भाई हैं। ये दोनों ने टावर पर चढ़कर खुदखुशी करने लगे। इसकी खबर जैसे प्रशासन को लगी तो अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और दोनों भाइयों को नीचे उतरने की मिन्नत करने लगे। लेकिन दोनों भाई इंसाफ नहीं मिलने तक टावर से उतरने से इंकार कर दिया। दरअसल, ये दोनों किसान भाई चकबंदी के दौरान अपनी जमीन के साथ हुए खेल से परेशान है।

यह भी पढ़ेंः गुंडाराज की ओर बढ़ रहा यूपी, अब मुजफ्फरनगर से सामने आई लाइव पिटाई की दर्दनाक तस्वीर


दरसल, सारा मामला यूपी के बागपत जनपद का है। जहां बामनौली गांव में चकबंदी चल रही है। चकबंदी में दो किसान भाइयों की जमीन चकबंदी अधिकारियों ने कम कर दी और शिकायत के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इतना ही नहीं, किसानों ने जब अपनी जमीन में फसल उगा ली तो पड़ोसी दबंगों ने उनकी फसल को जोत दिया। लेकिन जिला प्रशासन ने दोनों किसान भाइयों को न्याय नहीं दिलाया। इससे परेशान बामनौली गांव के कृष्ण पाल और सुकर्मपाल पुत्र गणित बिरमस्वरूप मुआवजे की मांग कर रहे हैं। फसल बर्बाद करने से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर दोनों किसान भाई बुधवार को आत्महत्या के लिए टावर पर चढ़ गए और आत्महत्या का ऐलान कर दिया। सुचना के बाद मोके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंच कर बडी मशक्कत के बाद किसानों को समझाकर नीचे उतारा।

यह भी पढ़ेंः बाबा रामदेव यहां करेंगे 1600 करोड़ रुपए का निवेश, 10,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार

इस दौरान इन दोनों किसानों ने साफ कहा है कि अगर उनको न्याय नहीं मिला तो वे इस बार आत्महत्या कर लेंगे। मौके पर पहुंचे एसडीएम बडौत अरविंद कुमार ने न्याय का भरोसा दिलाया है। आपको बता दें कि इस गांव में टावर पर चढ़कर अपना विरोध जताने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी किसान गन्ना भुगतान की मांग को लेकर टावर पर चढ़ कर बागपत जिला प्रशासन को अपना दर्द सुना चुके हैं। जिसके बाद किसानों की समस्या का हल हुआ था। अगर जिला प्रशासन किसानों की समस्या को गंभीरता से नहीं लेता है तो आने वाले समय में और भी किसान इस तरह के हथकंडे अपनाने से परेज नहीं करेंगे।

बड़ी खबरें

View All

मेरठ

उत्तर प्रदेश