
मेरठ. माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक (Financialless Teachers) महासभा ने जहां यूपी बोर्ड (UP Board) की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया है। वहीं, संभल में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (Uttar Pradesh Secondary Teachers Association) ने भी कोरोना के खतरे को देखते हुए मूल्यांकन को लेकर रोष जताते हुए कार्यक्रम स्थगित करने की मांग की है। वित्तविहीन शिक्षकों ने साफ-साफ कह दिया है कि वह जब तक लॉकडाउन रहेगा कापियों का मूल्यांकन नहीं करेंगे। इसको लेकर महासभा ने एक पत्र भी जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन केे दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के 5 से 25 मई तक मूल्यांकन के आदेश दिए हैं। वहीं, कोरोना वायरस के चलते मेरठ रेड जोन में शामिल है। मेरठ में कोरोना के बढ़ते मामलोंं को देखते हुए बोर्ड की कापियों के मूल्यांकन को लेकर परीक्षकों में हड़कंप की स्थिति है। बता दें कि इससे पहले जब कापियों के मूल्यांकन का कार्य हुआ था तो तब भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क और ग्लब्ज पहनने की हिदायत दी गई थी, लेकिन उस दौरान इसकी पालना नहीं की गई थी। महासभा के अध्यक्ष अशोक कुमार राठौर ने पत्र के जरिये कहा है कि लॉकडाउन के बाद भी शिक्षकों को मूल्यांकन केंद्र आने-जाने की व्यवस्था करनी होगी। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी किया जाएगा, तभी मूल्यांकन कार्य हो सकेगा। उन्होंने बताया कि मेरठ जिले में 15 सौ वित्तविहीन शिक्षक हैं।
वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 5 मई से बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होगा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा मास्क-ग्लब्ज और सैनिटाइजर का हर हाल में इस्तेमाल होगा। परीक्षकों को एक-एक मीटर की दूरी पर बैठाया जाएगा। अब तक मेरठ के पांच केंद्रों पर 53 हजार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हो चुकी है। अब यहां 6 लाख 10 हजार 534 कॉपियों का मूल्यांकन होना शेष है।
कोरोना के कारण मूल्यांकन को लेकर शिक्षकों में गुस्सा
वहीं, उत्तर प्रदेश के संभल जिले की बात करें तो यहां उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ संभल ने यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर रोष जताया है। संघ के बैनर तले शिक्षकों ने प्रशासन से कोरोना महामारी खत्म होने तक मूल्यांकन कार्य स्थगित करने की मांग की है। शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा है कि सभी शिक्षकों ने लॉकडाउन कारण मूल्यांकन कार्य को स्थगित रखने की मांग की है। उन्होंने बताया कि जिले में चार मूल्यांकन केंद्र हैं, जिनमें से दो अति संक्रमित क्षेत्र के दायरे में हैं। अगर शिक्षक वहां कापी चेक करने जाएंगे तो उनके संक्रमित होने का खतरा है। इसके अलावा दूर-दराज से महिला शिक्षकों का केंद्र तक पहुंचना भी काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन को समय से कराने के लिए उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षकों के घर या नजदीकी स्कूल में पहुुंचाया जाए।
Published on:
04 May 2020 04:58 pm

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