
पाॅलिथीन का इस्तेमाल नहीं छोड़ा तो जाना पड़ सकता है जेल
मेरठ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रदेश को पाॅलिथीन मुक्त करने के निर्णय के अंतर्गत प्रशासनिक आैर पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को पुलिस लाइन में जनप्रतिनिधियों आैर जनता के साथ अहम बैठक की। डीएम अनिल ढींगरा, एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के अलावा एसपी सिटी, एसपी देहात समेत तमाम पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने साथ सभी को पाॅलिथीन मुक्त शहर करने की शपथ ली। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि लोग कपड़े, जूट के थैले व कागज के लिफाफों के विकल्प का प्रयोग करें।
तीन चरण में चलेगा अभियान
डीएम ने कहा कि प्रथम चरण में 15 जुलाई से सिर्फ 50 माइक्राॅन तक के पाॅलिथीन प्रतिबन्धित किया जाना है तथा दूसरे चरण में 15 अगस्त से प्लास्टिक व थर्माकोल से बनी थाली, कप प्लेट, कटोरी, गिलास आदि का प्रयोग पूर्ण बन्द होगा। उन्होंने बताया कि तीसरे चरण में दो अक्टूबर से प्रदेश में ऐसे सभी तरह के प्लाास्टिक को प्रतिबन्धित होगा। जनपद में कुल लगभग 62 मैन्युफेक्चरिंग यूनिट व टेडर्स की अलग से बैठक बुलाकर जानकारी देने के संबंधित को निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी भी दी कि यदि आदेश का उल्लंघन होता है तो पाॅलिथीन का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक या दुकानदार जेल जाने के लिए तैयार रहें।
पॅालिथीन बनाने वालों पर भी होगी कार्रवार्इ
डीएम ने कहा कि जिन फैक्ट्री अथवा कंपनियों में पॉलीथिन बनाई जा रही है उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि इसमें प्रत्येक व्यक्ति को खुद जागरूक होने की जरूरत है, और घर से जब उस शहर में या कहीं भी कोई भी सामान खरीददारी करने के लिए निकलें तो यह सोच कर निकले कि उन्हें सामान कहा से लाना है।
Published on:
13 Jul 2018, 10:10 PM IST
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