मेरठ. सड़क पर पब्लिक महफूज नहीं। इस तरह की खबरे रोज पढ़ते हैं, लेकिन थाने में सिपाही ही महफूज न हो यह पहली बार सुनने में आ रहा है। सुनने में अटपटा जरूर लग रहा है, लेकिन यह घटना तो यही बया कर रही है। मामला सिपाही की मारपीट तक ही सीमित रहता तो ठीक था, लेकिन उसके साथ भी वही हुआ, जो आम लोगों के साथ थाने में बर्ताव होता है। उसकी रिपोर्ट उसी के थाने में नहीं दर्ज की गई।