
UP Police : चार दिन से मेरठ पुलिस जिस सरकारी पिस्टल को ढूंढ रही थी वो जोमैटो के डिलीवरी बॉय के पास मिली। मेरठ पुलिस का सिपाही नीरज 30 जनवरी की रात को ड्यूटी करके जब वापस घर लौट रहा था तो उसकी बाइक एक जानवर से टकरा गई थी। सिपाही को बेहोशी की हालत में अस्पताल भर्ती कराया गया था। होश आने पर सिपाही ने बताया कि उसके पास सरकारी पिस्टल नहीं है। सिपाही ने तुरंत इसकी जानकारी सीनयर को दी तो हड़कंप मच गया। पुलिस 30 जनवरी से ही इस पिस्टल की तलाश कर रही थी लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा था।
अब मंगलवार को एक जोमैटो का एक डिलीवरी मैन पुलिस थाने पहुंचा और पुलिस को पिस्टल थमाते हुए कहा कि ये लीजिए साहब अपनी गन मुझे रास्ते में पड़ी मिली थी। इसने पुलिस को बताया कि मैं गंगानगर की ओर से जा रहा था, तभी रास्ते में मुझे एक पिस्टल पड़ी हुई दिखाई दी। पहले मैंने उसे लाईटर समझकर उठाया था लेकिन जब मुझे उसका वजन भारी लग तो मैने सोचा कि ये टॉय गन है। इस तरह मैं उसे उठाकर घर ले गया और बच्चों को खेलने के लिए दी। बाद में जब मुझे पता चला कि ये गन पुलिस की है तो मैं थाने पहुंचा हूं और इसे पिस्टल लौट रहा हूं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर विपिन ताड़ा ने इस डिलीवरी मैन को श्रिंग यादव को 11 हजार रुपये का इनाम दिया है। डिलीवरी बॉय ने पुलिस की बड़ी टेंशन खत्म कर दी। वरना पिछले कई दिनों से पुलिस परेशान थी। पिस्तौल का कोई पता नहीं लग रहा था। अलग-अलग टीमें इस पिस्तौल को तलाश रही थी। उधर सिपाही की नौकरी पर भी तलवार लटकी हुई थी। मंगलवार को डिलीवरी बॉय मानों पुलिस के लिए फरिस्ता बनकर और पिस्तौल लौटा दी।
Updated on:
04 Feb 2025 10:54 pm
Published on:
04 Feb 2025 10:54 pm
