
sc/st act को लेकर बृजलाल ने दिया बड़ा बयान, कहा- इस विभाग की सबसे ज्यादा शिकायतें
मेरठ। उत्तर प्रदेश एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष व पूर्व डीजीपी बृजलाल ने SC-ST act को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि एससी-एसटी कानून का दुरुपयोग नहीं होगा। यदि किसी पर मुकदमा दर्ज हो जाए तो इसका मतलब यह कतर्इ नहीं है कि उस व्यक्ति पर दोष सिद्ध हो गया आैर उसकी गिरफ्तारी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी उसी सूरत में होगी, जब मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच में दोष सिद्ध होगा। एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बृजलाल मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट को समझने की जरूरत है। आयोग के पास सबसे ज्यादा शिकायतें पुलिस विभाग की आती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच महीनों में 1900 केस निस्तारित किए गए हैं।
पुलिस विभाग के 60 फीसदी केस
उत्तर प्रदेश एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने कहा कि आयोग में करीब 60 फीसदी केस पुलिस विभाग, करीब 30 फीसदी केस राजस्व आैर करीब 10 फीसदी केस नौकरी से संबंधित आ रहे हैं। पुलिस विभाग की शिकायतें अधिकतर मुकदमा दर्ज नहीं करने किए जाने की होती हैं। उन्होंने बताया कि आयोग एेसे मामलों में अपने स्तर से जांच कराता है आैर जांच में आरोप की पुष्टि होने पर इन मामलों में मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पांच महीने के उनके कार्यकाल में 2422 शिकायतें आयोग को प्राप्त हुर्इ। इनमें से 1900 का निस्तारण किया गया है। इसमें 500 शिकायतों के गुण-दोष के आधार जांच की जा रही है।
10 फीसदी केस फंसाने वाले
आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने कहा कि इनमें दस फीसदी केस एेसे हैं, जो दूसरे व्यक्ति को फंसाने वाले थे। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट को लेकर लोगों में गलतफहमियां हैं। उन्होंने कहा कि लोग ये गलतफहमियां दूर करें। उन्होंने कहा कि किसी पर एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज करने का मतलब यह नहीं है कि दोष सिद्ध हो गया। उसकी गिरफ्तारी तभी होगी जब जांच में दोष साबित हो जाएगा।
Updated on:
08 Oct 2018 02:47 pm
Published on:
08 Oct 2018 02:46 pm
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