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UP: एसटीएफ ने हथियार तश्करों को किया गिरफ्तार, यूपी से लेकर पंजाब तक फैला है इनका नेटवर्क 

UP STF: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने पंजाब से उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले 2 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गुरविंदर जीत सिंह और शेजपाल सिंह के रूप में हुई है। 

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मेरठ

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Nishant Kumar

Mar 06, 2025

UP

UP Illegal Weapon Crime: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पंजाब से यूपी में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले दो अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान गुरविन्द्र जीत सिंह और शेजपाल सिंह के रूप में हुई है।

 क्या है पूरा मामला ? 

5 मार्च 2025 को शाम 18:50 बजे एसटीएफ फील्ड यूनिट, पुलिस लाइन, मेरठ में गुरविन्द्र जीत सिंह और शेजपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया। गुरविन्द्र जीत सिंह ओलख फार्म हाउस, पलासौर रोड, तरन तारन, पंजाब का निवासी है, जबकि शेजपाल सिंह ग्राम चक पंडोरी, थाना लोपोके, जिला अमृतसर का रहने वाला है। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से आर्म्स और एम्यूनिशन की दो विक्रय बिल बुक तथा मरहटटा गन हाउस से संबंधित अवैध लाइसेंस की छाया प्रति बरामद की गई।

अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह की सूचना पर एसटीएफ ने जांच शुरू की थी। इससे पहले 23 नवंबर 2024 को मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र से एक अन्य अपराधी रोहन को भारी मात्रा में हथियारों और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में आगे जांच के दौरान, 20 दिसंबर 2024 को अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सरगना अनिल बालियान उर्फ अनिल बंजी भी गिरफ्तार हुआ था।

गिरफ्तारी से जुड़े अहम खुलासे  

5 मार्च को गुरविन्द्र जीत सिंह और शेजपाल सिंह एसटीएफ कार्यालय मेरठ पहुंचे, जहां पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने अवैध रूप से हथियारों की खरीद-फरोख्त की थी।

गुरविन्द्र जीत सिंह ने बताया कि उसने 19 नवंबर 2024 को विशाल गन हाउस, पठानकोट से एक .45 बोर की पिस्टल खरीदी थी, जिसे 21 नवंबर को शेजपाल सिंह के फर्जी लाइसेंस पर बेचा गया। साथ ही, 1020 कारतूस और 20 से अधिक बंदूकें भी बेची गईं।

शेजपाल सिंह ने स्वीकार किया कि उसने मरहटटा गन हाउस का फर्जी लाइसेंस बनवाकर हथियारों की खरीद-फरोख्त की थी। वह कुख्यात अपराधी अनिल बालियान उर्फ बंजी और उसके साथियों को फर्जी रसीदों के जरिए हथियार सप्लाई करता था और इसके बदले में प्रति गन 40-50 हजार रुपये और प्रति कारतूस 100 रुपये वसूलता था।

अवैध हथियारों के कारोबार में जेल में बंद गैंगस्टर का कनेक्शन

शेजपाल सिंह के पिता अवतार सिंह पहले से ही पंजाब में एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत जेल में बंद हैं। वह सरमुख सिंह गैंग का हिस्सा हैं, जो पाकिस्तान से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में संलिप्त रहा है। शेजपाल ने अपने पिता के लाइसेंस में फर्जी तरीके से खुद को पार्टनर बनाकर हथियारों का कारोबार शुरू किया था।

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गुरविन्द्र जीत सिंह और शेजपाल सिंह को कानूनी धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) (क) बीएनएस और 5/25 (1) (क) / 25 (8) आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर कंकरखेड़ा थाना, मेरठ में दाखिल किया गया। एसटीएफ की इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।