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Urdu Ramayana in CCSU : 103 साल पुरानी उर्दू में लिखी रामायण पढ़ सकेंगे देश भर के उर्दू के छात्र

Urdu Ramayana in CCSU मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में 103 साल से रखी उर्दू में लिखित नायाब रामायण को अब देश और विश्व भर में उर्दू भाषा के जानकार पढ़ सकेंगे। 103 साल पुरानी उर्दू में लिखित ये रामायण चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में रखी हुई है। उर्दू में लिखित इस रामायण का अब डिजीटलीकरण किया जा रहा है। इसके बाद उर्दू में लिखित इस रामायण को विवि के लाइब्रेरी की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

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मेरठ

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Kamta Tripathi

Aug 31, 2022

Urdu Ramayana in CCSU : 103 साल पुरानी उर्दू में लिखी रामायण पढ़ सकेंगे देश भर के उर्दू के छात्र

Urdu Ramayana in CCSU : 103 साल पुरानी उर्दू में लिखी रामायण पढ़ सकेंगे देश भर के उर्दू के छात्र

Urdu Ramayana in CCSU उर्दू में लिखी रामायण को अब छात्र आनलाइन पढ़ सकेंगे। रामायण का डिजीटल वर्जन तैयार कर लिया गया है। कुछ दिन में इसको विश्ववि़द्यालय की लाइब्रेरी वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा। जिसके बाद छात्र उर्दू में लिखित इस रामायण को पढ़ सकेंगे। सीसीएसचू कैंपस स्थित राजा महेंद्र प्रताप पुस्तकालय के प्रभारी जमाल अहमद सिद्दीकी ने जानकारी दी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में सन 1919 में लाहौर में उर्दू भाषा में लिखी रामायण रखी हुई है। जिसको उर्दू के छात्रों को रामायण पढ़ने में आसानी होती है।

बताया जाता है कि इस रामायण को महात्मा शिवव्रत लाल ने उर्दू में लिखा था। जिसका प्रकाशन लाहौर में हुआ था। उसके बाद इस रामायण को मेरठ के चौधरी चरण सिंह की लाइब्रेरी में लाकर रखा गया था। सीसीएसयू विवि के पुस्तकालय प्रभारी जमाल अहमद बताते हैं कि देश के अन्य किसी भी विश्वविद्यालय में इतनी पुरानी उर्दू में लिखित रामायण नहीं है। उर्दू में लिखित इस रामायण में एक हजार पेज हैं। पूरी लाइब्रेरी को अपडेट कर दिया है। विश्वविद्यालय के अधिकतर शोध भी आनलाइन अपलोड कर दिए गए हैं। उर्दू में लिखित इस 100 साल पुरानी रामायण को अपलोड करने का चल रहा है।


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बता दें कि उर्दू में लिखित इस रामायण का शोधार्थी को बहुत लाभ मिलता है। जमाल ने बताया कि देश के विभिन्न प्रांतों से शोधार्थी छात्र यहां पर आकर उर्दू में लिखित इस रामायण का अध्यनन करते हैं। लेकिन बाहरी छात्रों को विवि प्रशासन से विशेष अनुमति लेनी होती है। उर्दू भाषा में प्रकाशित इस रामायण को सिर्फ शोधार्थी छात्रों के लिए उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन 103 साल पुरानी उर्दू में प्रकाशित ये रामायण आनलाइन होगी तो इसका लाभी देश ही नहीं दुनिया के उर्दू भाषा के जानकार भी उठा सकेंगे। जो राम के आदर्शों को जान सकेंगे।