
मेरठ। पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी के कारण पश्चिमी विक्षोभ से मैदानी क्षेत्रों में शनिवार से लेकर रविवार की सुबह तक वेस्ट यूपी-एनसीआर क्षेत्र में लगातार बारिश हुर्इ है। इससे ठिठुरन बढ़ गर्इ है। शनिवार को दिनभर रुककर बारिश होती रही आैर सर्द हवाआें ने मौसम ठंडा कर दिया। मेरठ में शनिवार को अधिकतम तापमान 18.6 आैर न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बारिश आैर सर्द हवा के चलते मौसम में बदलाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक दिन पहले आैसतन 4.8 डिग्री तापमान में गिरावट आयी है। सरदार वल्लभ भार्इ पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि अभी पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है आैर अगले 24 से 36 घंटे के बीच तेज बारिश आैर सर्द हवाएं चलने के आसार बने हुए हैं। इन 36 घंटों में तेज बारिश के साथ-साथ कहीं-कहीं आेले पड़ सकते हैं।
मौसम में इस तरह हुआ बदलाव
शनिवार की सुबह से ही मेरठ आैर आसपास के इलाकों में मौसम में ठंडक आ गर्इ। खराब मौसम की मार से महानगर वासी परेशान हो गए। रोजमर्रा के काम पर जाने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। फरवरी से ही मेरठवासी मौसम की मार झेल रहे हैं। आम लोगों के साथ ही किसानों को भी मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और महानगर में अंधेरा छाया हुआ है। जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। वहीं रात में जलने वाली स्ट्रीट लाइटों केा भी दिन में जलाया गया। बिजली की गड़गड़ाहट के साथ लोगाें की सुबह हुई। हालांकि जिले के ग्रामीण इलाके में बारिश भी हुई है। बारिश के दौरान किसानों के चेहरों पर शिकन देखी गई। किसानों को अब इस बात की चिंता सता रही है कि कहीं ओले न पड़े। मार्च माह के शुरूआती दौर से ही मौसम खराब हो गया है। अभी एक हफ्ता पहले ही मौसम में सुधार हुआ था। शुक्रवार को भी मौसम का यही हाल रहा था। शुक्रवार केा पश्चिम उप्र के कई जिलों में बारिश के दौरान बिजली कड़की। एनसीआर में हुई बारिश से वाहनों के पहिए थम गए। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार अगर बारिश के साथ ओलों का आकार बड़ा हुआ तो यह फसल को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। बारिश से फसल पर भी गहरा असर पड़ा है।
Published on:
3 Mar 2019, 9:05 AM IST
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