24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

IMD Weather Forecast: अलनीनो पैटर्न का असर सितंबर मौसम पर, बारिश को लेकर IMD की चौकाने वाली रिपोर्ट, ऐसा रहेगा पूरे महीने मौसम

September Weather Forecast: यूपी में मानसूनी बारिश अगस्त के मौसम को अच्छा बनाने में कारगर रही। लेकिन अब सितंबर में बारिश को लेकर IMD रिपोर्ट चिंताजनक है। IMD Forecast के अनुसार इस बार सितंबर मौसम में अलनीनो का असर पड़ेगा।

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Kamta Tripathi

Aug 30, 2023

Weather update

सितंबर के मौसम में अलनीनो पैटर्न होगा सक्रिय। यूपी में बारिश पर पड़ेगा प्रभाव।

Weather Forecast IMD report: इस साल मानसून समय से सक्रिय होने पर अगस्त में अल नीनो के कारण बारिश कम हुई है। हालांकि यूपी के कुछ जिलों में बारिश ने खूब तबाही मचाई है। यूपी के पश्चिम जिले अगस्त की बारिश से खूब सराबोर हुए हैं। लेकिन अब सितंबर माह में बारिश के आसार बहुत कम हैं। इसका कारण यूपी के मौसम में अलनीनो का प्रभाव बताया जा रहा है। सितंबर में अलनीनो के प्रभाव के कारण बारिश ना के बराबर ही होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष ने बताया कि जून से सितंबर तक मानसून में बारिश आठ प्रतिशत कम होने की संभावना है। यह कमी साल 2015 के बाद सबसे अधिक होगी।

उन्होंने कहा कि यूपी और पूरे देश में इस साल मानसून पिछले आठ साल में सबसे कमजोर साबित हो रहा है। मौसम के अल नीनो पैटर्न के कारण सितंबर में इस बार बारिश की संभावना बहुत कम है। अगस्त माह कई जिलों में सूखा महीना साबित हो रहा है। आशंका जताई है कि इसका असर सितंबर के मौसम पर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि अगस्त में अल नीनो के कारण बारिश कम हुई है। सितंबर में अलनीनो का प्रभाव पड़ेगा। जिसके कारण सितंबर में भी कम बारिश होने के आसार हैं। इस कारण से जून से सितंबर तक मानसून के सक्रिय होने के बावजूद भी बारिश कम होने की प्रबल संभावना मौसम विभाग ने जताई है। मौसम विभाग 31 अगस्त को सितंबर के पूर्वानुमान जारी कर सकता है।

असमान रही मानसूनी बारिश
दूसरी ओर इस साल मानसूनी बारिश पूरे देश भर में असमान रही है। यह जून में सामान्य औसत से नौ प्रतिशत कम तो जुलाई में 13 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है। 17 सितंबर से मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। बीते चार साल से सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इसका कारण मानसून की वापसी में देरी बताया गया है।

आशंका जताई जा रही है कि इस बार सितंबर के महीने में पूर्वी और उत्तरी राज्यों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। उल्लेखनीय है कि मानसून के दौरान सालाना औसत की 70 फीसदी बारिश होती है। इसमें कमी से दाल, चीनी, चावल, सब्जियों आदि के दाम बढ़ सकते हैं।