Tokyo Olympics में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 9 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाने को बेताब, सभी खिलाड़ी ग्रामीण क्षेत्र और किसान पृष्ठभूमि से
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले किसान परिवार के होनहार अब टोक्यो में होने वाले ओलंपिक में अपना जौहर दिखाने को बेताब हैं। ओलंपिक में भाग ले वाले यूपी के 12 खिलाड़ियों में से 9 पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं। यह इस बात का परिचायक है कि यहां के युवाओं में खेल के प्रतिभा कूट-कूटकर भरी है। अगर सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं को तराशे और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराएं तो वे खेल प्रतिस्पर्धाओं में पदकों की झड़ी लगा सकते हैं।
ये सभी खिलाड़ी इस सुनहरे मौके को यादगार में बदलने को तैयार हैं। इनके जज्बे से ही देश को पदक दिलाने के लिए बेताबी देखने को मिल रही है। मेरठ निवासी एथलीट अन्नु रानी व पारुल चौधरी के पास अभी ओलंपिक कोटा लेने का मौका है। वहीं मेरठ के निशानेबाज शहजर रिजवी को रिजर्व कोटे में रखा गया है। ओलंपिक के लिए मेरठ से तीन खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इनमें एथलीट प्रियंका गोस्वामी, शूटर सौरभ चौधरी और हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया शामिल हैं।
इनके अलावा तीन खिलाड़ी बुलंदशहर के हैं। इनमें 32 वर्षीय मुक्केबाज सतीश कुमार, खुर्जा निवासी 45 वर्षीय शॉटगन स्किट शूटर मेराज अहमद खान, बुलंदशहर निवासी रोइंग खिलाड़ी अरविंद कुमार शामिल हैं। पैरा ओलंपिक में संभल निवासी 26 वर्षीय पैरा शूटर दीपेंद्र सिंह, नोएडा के गोविंदगढ़ निवासी पैरा एथलीट प्रवीण कुमार, मेरठ महपा गांव निवासी 31 वर्षीय पैरा तीरंदाज विवेक चिकारा शामिल हैं। भारतीय कुश्ती टीम के कोच मुजफ्फरनगर निवासी द्रोणाचार्य अवार्डी जगमिंद्र सिंह को बनाया है। जगमिंद्र सिंह अपने जमाने के धुरंधर पहलवानों में रहे हैं। देश के सात पहलवान ओलंपिक में शामिल होंगे।