
मेरठ। शास्त्रीनगर की एक महिला को नगर निगम की दबंगई का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। महिलाओं के लिए सुलभ न्याय और उनकी परेशानियों को दूर करने की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा के राज में ही महिला परेशान होकर भटक रही है। महिला का आरोप है कि उसका हाउस टैक्स उसके नाम से आता था। वह समय से हाउस टैक्स जमा करती आ रही है, लेकिन इसके बाद भी उसका नाम हाउस टैक्स से हटा दिया गया है। उसकी जगह उसके पति का नाम चढ़ा दिया गया। इतना ही नहीं, निगम ने उसकी सुनवाई के लिए भी नोटिस जारी नहीं किया।
मनमाने तरीके से निगम ने एक तरफा फैसला कर दिया है। परेशान महिला निगम में भटकती रही। शास्त्रीनगर के सेक्टर 12 की रहने वाली शाहिस्ता ने बताया उसका मकान नंबर 111 है उसके पति ने मेहर में उसको मकान दिया था। उसने बताया कि मकान की रजिस्ट्री भी उसके नाम से है। निगम से उसको बार-बार हाउस टैक्स का नोटिस मिल रहा था। निगम में पिछले तीन महीने से उसकी तारीख लग रही थी। निगम ने आपत्ति लगाई थी। वह तारीख में भी बराबर आ रही थी, लेकिन अब निगम ने एक तरफा फैसला करते हुए हाउस टैक्स उसके पति के नाम से कर दिया है। जबकि मकान उसके नाम से है। निगम में जब उसने इस बारे में बात की तो पता चला कि उसके पति ने आपत्ति लगाई हुई है, जबकि पति ऐसा करने से मना कर रहा है।
महिला ने बताया कि उनकी सभी अधिकारियों से बात हो चुकी है। पिछली तारीख में जब वह निगम आई तो बताया गया कि इस समय हड़ताल चल रही है। दूसरी तारीख की सूचना उनको दे दी जाएगी, लेकिन जब वह तारीख पर पहुंची तो फैसला एकतरफा कर दिया गया। महिला ने निगम कर्मचारियों और अधिकारियों को चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर उसका नाम हाउस टैक्स में चढ़ाया जाए, नहीं तो वह पुलिस की मदद लेगी।
Published on:
14 Sept 2019 04:44 pm
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