
मेरठ बवालः बवाली हुए नामजद-इनामी तो इसके बाद महिलाओं ने घेरे पुलिस अफसर आैर दी ये चेतावनी
मेरठ। मेरठ के भूसा मंडी में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए बवाल में हालांकि शहर सामान्य हो चुका है, लेकिन जांच में जिन दो दर्जन से अधिक बवालियों को पुलिस ने नामजद और इनामी बनाया है। उनके परिवार की महिलाएं सामने आई हैं और वे नामजद लोगों को बेकसूर बता रही हैं। शुक्रवार की शाम को जब पुलिस की टीम मछेरान पहुंची तो महिलाओं ने हंगामा कर दिया। इसकी जानकारी जब पुलिस अधिकारियों को लगी तो वे भी मौके पर पहुंच गए।
महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों को घेर लिया और आरोप लगाए कि जिनको पुलिस ने चिन्हित और नामजद किया है, उनमें से अधिकांश तो मौके पर थे ही नहीं। महिलाओं ने सबूत भी अधिकारियों को दिखाए। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस ने बिना सबूत के इन लोगों बवाली और इनामी कैसे घोषित कर दिया। महिलाओं ने पुलिस को चेतावनी दी कि अगर बेकसूर लोगों को पकड़ा गया तो पुलिस को गंभीर परिणाम झेलने होंगे। महिलाओं ने जब पुलिस अधिकारियों को धमकी दी तो वह चुपचाप खड़े होकर सुन रहे थे। हालांकि अब मछेरान के हालात सामान्य हो रहे हैं और अधिकारी स्थिति पर पल-पल नजर रखे हुए हैं।
मछेरान में जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की भी भीड़ जुट रही है। इस सबके बीच पुलिस ने नामजद बवालियों के अलावा अन्यों को भी चिह्नित करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने अब तक करीब छह दर्जन संदिग्धों की सूची बनाई है। गौरतलब है कि अवैध निर्माण गिराने के दौरान सदर बाजार क्षेत्र की भूसा मंडी (मछेरान) में बीती बुधवार को आगजनी के बाद हिंसा फैल गई थी। उपद्रवियों ने पथराव कर अतिक्रमण हटाने गई पुलिस व कैंट बोर्ड की टीम को दौड़ा लिया। पुलिसकर्मी से वायरलेस सेट व कैंट बोर्ड के सुपरवाइजर से मोबाइल लूट के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर चार लोगों को हिरासत में ले लिया, लेकिन राजनैतिक दबाव के चलते तीन लोगों को पुलिस ने कुछ घंटे के बाद छोड़ दिया था। हालांकि अब मामला शांत हो चुका था।
अब बवाल में जो लोग नामजद हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दबिश का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। अभी मछेरान में हालात तनावपूर्ण है।
Published on:
09 Mar 2019 03:11 pm
