
मेरठ समेत 6 जिलों में बारिश का रौद्र रूप
West UP Heavy Rain: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत और बिजनौर में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में सड़कों पर जलभराव, यातायात बाधित होने और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूटने जैसी स्थिति बन गई है। लगातार हो रही बारिश ने कई वर्षों के रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश को देखते हुए मेरठ और मुजफ्फरनगर में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है।
मेरठ में लगातार दूसरे दिन रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। सुबह से देर शाम तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा। जुलाई के पहले नौ दिनों में जिले में 201.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक मानी जा रही है। केवल गुरुवार को ही 94.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से राहत मिली, लेकिन दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। कई प्रमुख चौराहों और सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित रहा। हालांकि लगातार बारिश के चलते वायु प्रदूषण के स्तर में कमी दर्ज की गई। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम ने बताया कि अगले 24 घंटों में भी 50 मिमी से अधिक बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
मुजफ्फरनगर में मानसून की बारिश ने पिछले करीब पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जिले में अब तक कुल 182.8 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। लगातार बारिश के कारण पौड़ी हाईवे पर पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बिजनौर सीमा पर भी लंबा जाम देखने को मिला।
उत्तराखंड से सोलानी नदी में पानी छोड़े जाने के बाद पुरकाजी खादर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई है। मंसूरपुर के पास मोलाहेड़ी मार्ग का एक हिस्सा बह जाने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। शुकतीर्थ खादर क्षेत्र के पशुपालक अपने पशुओं के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। हालात का जायजा लेने के लिए कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया।
सहारनपुर जिले में गुरुवार को 126 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले पांच वर्षों में एक दिन की सबसे अधिक बारिश बताई जा रही है। लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है और निचले इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिद्धपीठ शाकंभरी देवी क्षेत्र में जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शाकंभरी, मिर्जापुर और बिहारीगढ़ क्षेत्र की बरसाती नदियां उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया। मिर्जापुर क्षेत्र में बरसाती नदी के रपटे पर बह रहे दो बाइक सवार युवकों को स्थानीय ग्रामीणों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया।
शामली जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान 84 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में जलभराव, कीचड़ और आवागमन की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। कई स्थानों पर मकान और निर्माणाधीन ढांचे भी बारिश की चपेट में आ गए।
थानाभवन क्षेत्र में एक आरा मशीन की दीवार और टीन शेड गिरने से मशीन संचालक शाहिद (49) की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि उनके दो बेटे अरमान (17) और नौमान (15) घायल हो गए। कैराना क्षेत्र में एक महिला के मकान की कच्ची छत गिर गई। वहीं लिसाढ गांव में बिजली के खंभे में करंट उतरने से एक मवेशी की मौत हो गई।
बागपत जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई गांवों में कच्चे और पुराने मकानों की छतें गिरने से लोग घायल हुए हैं। जिवाना गुलियान, रोशनगढ़, बरवाला और सूरजपुर महनवा गांवों में मकानों को नुकसान पहुंचा है।
बागपत में भाजपा कार्यालय की दीवार भी बारिश के कारण गिर गई, जबकि पूठड गांव के प्राथमिक विद्यालय की दीवार भी ढह गई। चमरावल-धौली प्याऊ मार्ग का एक हिस्सा बह जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार दोपहर से गुरुवार दोपहर तक 24 घंटे में जिले में 54 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बिजनौर जिले में लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और आवागमन की समस्या बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को दैनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। अगले 24 घंटे तक मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, बिजनौर और आसपास के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। वहीं जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन और राहत टीमों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
Updated on:
09 Jul 2026 09:10 pm
Published on:
09 Jul 2026 09:10 pm
