
मिशन 2019 की तैयारी में योगी के इस मंत्री को आयी गन्ना किसानों की याद, मिलों को लेकर दी ये चेेतावनी
मेरठ। पश्चिम उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल गन्ना होता है। यहां का अधिकांश किसान की रोजी-रोटी का सहारा यही गन्ना है। गन्ना पश्चिम की राजनीति में गहरी जड़ें जमाए हुए हैं। जब-जब इसकी जड़ें थोड़ी बहुत हिलीं, निशाने पर आई राजनैतिक पार्टियों को दुश्विारियां उठानी पड़ी। जाट बेल्ट की यह महत्वपूर्ण फसल विपक्षी पार्टियों के लिए हाट केक साबित होती रही है। 2019 के आम चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में सरकार इस क्षेत्र में कोई ऐसी कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहती, जिससे उसके विपक्षी पार्टियों को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल जाए। इसी कारण सरकार ने अपने गन्ना गन्ना मंत्री को एकसूत्रीय कार्यक्रम पर लगा दिया है। वह है हर हाल में चीनी मिलों से समय पर भुगतान और मिलों को आने वाले सीजन में तय समय पर चलना।
सरकार के इस अभियान में गन्ना मंत्री सुरेश राणा जुट गए हैं। इसी कड़ी में उन्होंने सहारनपुर और मेरठ मंडल के गन्ना विभाग के अधिकारियों और चीनी मिलों के अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने चीनी मिलों को कड़े शब्दों में कहा कि मिल चलाने की जो तिथि निर्धारित है उस तिथि पर मिल की चिमनी से धुंआ निकल जाना चाहिए। नहीं तो खैर नहीं।
कोजन का शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान में जाए
बताते चलें कि प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। शत प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान न करने वाली, दोहरी चाल व अपनी कार्यप्रणाली में सुधार न करने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवार्इ की जायेगी तथा कोजन का पैसा शत प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान में जाये यह सुनिश्चित किया जायेगा।
अक्टूबर माह में शुरू हो जाएगा पेराई सत्र
अक्टूबर माह में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सभी चीनी मिलों का पेराई सत्र प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया है। चीनी मिलों से गन्ना मूल्य भुगतान का ब्लू प्रिंट तैयार कराकर उस पर अमल कराया जायेगा।चीनी निर्यात को बढ़ावा दिया जायेगा। निर्यात पर 5.5 रुपये प्रति कुंतल का इंसेटिव देने की घोषणा सरकार द्वारा की गर्इ है।
इस चीनी मिल को दिया स्पष्टीकरण का निर्देश
गागलहेड़ी चीनी मिल के प्रबन्धक के न आने पर उनसे स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिये गये। आयुक्त सभागार में मेरठ व सहारनपुर मण्डल के गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा के दौरान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग सुरेश राणा ने बताया कि चीनी का न्यूनतम दर 2900 रुपये प्रति कुंतल रखा गया है।
ये मिल प्रबंधक रहे मौजूद, इनको मिली चेतावनी
समीक्षा के दौरान मेरठ मण्डल की मवाना, किनौनी, नंगलामल, मोदीनगर, सिम्भावली, मलखपुर, अनूपशहर व सहारनपुर मण्डल की खाईखेड़ी, तेतावी, मंसूरपुर, ऊन, ननौता, सरसावा व खतौली चीनी की मिलों के प्रबन्धकों को चेतावनी देते हुए गन्ना मूल्य का भुगतान समय से कराने के लिये निर्देशित किया। कहा कि यदि गन्ना मूल्य भुगतान समय से नहीं किया जाता है तो चीनी मिलों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।
ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में आयुक्त मेरठ मण्डल अनीता सी मेश्राम, जिलाधिकारी अनिल ढींगरा, एडीएम सिटी मुकेश चन्द्र, सहायक चीनी आयुक्त सहारनपुर सुभाष चन्द्र, जिला गन्ना अधिकारी मेरठ आनन्द शुक्ला, बुलन्दशहर डीके सैनी, बागपत सुशील कुमार, सहारनपुर डा. आरडी द्विवेदी, गाजियाबाद ओमप्रकाश सिंह सहित दोनों मण्डलों की चीनी मिलों के प्रबंधक आदि उपस्थित रहे।
Published on:
17 Aug 2018 01:34 pm
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