
मुन्ना बजरंगी हत्याकांडः सात दिन बाद जांच में जो निकलकर आया सामने, जानकर रह जाएंगे अवाक
बागपत. बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी के खून का इल्जाम भले ही सुनील राठी ने अपने सिर पर ले लिया हो, लेकिन यह इतना आसान नजर नहीं आ रहा है। सवाल इतने है कि उनका जवाब देना भी शायद मुश्किल हो। लेकिन, जांच टीमें किस बिंदु पर काम कर रही है और अब तक क्या निकलकर आया है। यह अब भी अंधेरे में है। सुत्रों के मुताबिक, पुलिस सुनील राठी के ब्यान से अभी तक आगे नहीं बढ़ पाई है। सुनील राठी के कबूलनामे पर ही जांच अभी तक अटकीं हुई है। हत्या को सात दिन होने के बाद भी अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि हत्या का कारण क्या था। जेल के अंदर हथियार कैसे पहुंचा और बागपत जेल में कितने लोगों ने मिलकर मुन्ना बजरंगी को मौत के घाट उतारा। हत्या के दौरान फोटो खींचने वाला कौन था।
10 करोड़ की सुपारी की जांच कर रहे जांच अधिकारी भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे है। जबकि गैगवार की आशंका जता चुके अधिकारी सुनील राठी को लखनउ स्थित फतेहगढ जेल भेज चुके है। अब ऐसे में सवाल उठता हैं कि क्या वाकई में जांच एजेंसियों के पास अभी तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। या जांच के नाम पर केवल अभी तक एक सोची समझी राजनीति के तहत मामले को ठंडे बस्ते में डालने का खेल चल रहा है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में कुछ ऐसे सवाल हैं, जिसका जवाब अब तक नहीं मिल पाया है।
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हालात ये है कि मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हुई हत्या के एक हफ्ते बाद भी जांच टीमें किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। सात दिन हत्या के हो चुके हैं, लेकिन पुलिस सुनील राठी द्वारा दिये गये ब्यान पर ही कायम है। जबकि कई ऐसे सवाल है, जो आज भी अपना जवाब मांग रहे हैं। लेकिन किसी के पास उन सवालों के जवाब नहीं है। जांच अधिकारी भी जांच के बाद ही कुछ कहने की बात कहकर अभी तक पल्ला झाड़ते रहे हैं।
Published on:
17 Jul 2018, 4:05 PM IST
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