scriptZika virus alert issued in all districts of up | Zika Virus: पश्चिमी यूपी के सभी जिलों में अलर्ट जारी, मच्छरों के काटने पर फैलता है जीका वायरस | Patrika News

Zika Virus: पश्चिमी यूपी के सभी जिलों में अलर्ट जारी, मच्छरों के काटने पर फैलता है जीका वायरस

Zika Virus: पहले कोरोना से लड़े और उसकी तीसरी लहर की आशंका अब भी बनी हुई है कि इसी बीच जीका वायरस ने दस्तक दे दी है। कानपुर में मरीज पाए जाने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित प्रदेश के सभी जिलों को अलर्ट जारी किया गया है।

मेरठ

Published: October 26, 2021 09:52:26 am

Zika Virus: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जीका वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह रैपिड रिस्पांस टीम का गठन करें और मरीजों को चिन्हित करें। यह टीमें बुखार पीड़ित मरीजों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और जीका वायरस प्रभावित राज्य केरल और राजस्थान से आने वाले लोगों को चिन्हित करेंगी।
zika.jpg
यह भी पढ़ें

Supertech Twin Towers: कंट्रोल ब्लास्ट से गिराए जाएंगे 40 मंजिला दोनों टावर

इन लोगों पर भी रहेगी नजर

वहीं विदेश यात्रा खासकर अफ्रीकी देशों से आने वालों पर नजर रखी जाएगी। संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। एडी हेल्थ डॉ. राजकुमार ने बताया कि आदेश आने के बाद मंडल के सभी जिलों को अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां पर रैपिड रिस्पांस टीम का तुरंत गठन करें।
भर्ती बुखार पीड़ित रोगियों के सैंपल जांच केा भेजे जाएंगे

उन्होंने बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों में जहां बुखार से पीड़ित रोगी भर्ती हैं, वहां इसके लक्षण वाले मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। अगर किसी मरीज में जीका वायरस की पुष्टि होती है तो उसे 14 दिनों तक अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। सभी जिलों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है।
मच्छरों के काटने पर फैलता है जीका वायरस

एडी हेल्थ ने बताया कि जीका वायरस संक्रमित एडीज प्रजाति के मच्छरों के काटने के कारण होता है। जीका वायरस से पीड़ित मरीज को तेज बुखार, शरीर पर लाल रंग के दाने, आंखों में जलन और मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होता है। तीन से 14 दिनों के अंदर इसके लक्षण दिखने लगते हैं। फिलहाल मच्छरों से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं।
गर्भस्थ शिशुओं को अधिक खतरा

जीका वायरस के संक्रमण से सबसे बड़ा खतरा गर्भस्थ शिशुओं को होता है। अगर मां को संक्रमण हो गया तो यह वायरस शिशु के शरीर में पहुंच जाता है और उसके न्यूरो सिस्टम को प्रभावित कर देता है। बच्चे का सिर छोटा हो जाता है। कोशिकाएं नहीं बन पाती और उसके स्पाइनल कार्ड में सूजन आ जाती है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

इन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीजब हनीमून पर ताहिरा का ब्रेस्ट मिल्क पी गए थे आयुष्मान खुराना, बताया था पौष्टिकIndian Railways : अब ट्रेन में यात्रा करना मुश्किल, रेलवे ने जारी की नयी गाइडलाइन, ज़रूर पढ़ें ये नियमधन-संपत्ति के मामले में बेहद लकी माने जाते हैं इन बर्थ डेट वाले लोग, देखें क्या आप भी हैं इनमें शामिलइन 4 राशि की लड़कियों के सबसे ज्यादा दीवाने माने जाते हैं लड़के, पति के दिल पर करती हैं राजशेखावाटी सहित राजस्थान के 12 जिलों में होगी बरसातदिल्ली-एनसीआर में बनेंगे छह नए मेट्रो कॉरिडोर, जानिए पूरी प्लानिंगयदि ये रत्न कर जाए सूट तो 30 दिनों के अंदर दिखा देता है अपना कमाल, इन राशियों के लिए सबसे शुभ

बड़ी खबरें

Corona Update: कोरोना ने बनाया नया रिकॉर्ड, 24 घंटे में 3 लाख 47 हजार नए केस, 2.51 लाख रिकवरGhana: विनाशकारी विस्फोट में 17 लोगों की मौत, 59 घायलभारत ने जानवरों के लिए विकसित किया पहला कोरोना वैक्सीन,अब शेर और तेंदुए पर ट्रायल की योजना50 साल से जल रही ‘अमर जवान ज्योति’ आज से इंडिया गेट पर नहीं, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जलेगीT20 World Cup 2022: ICC ने जारी किया शेड्यूल, इस दिन होगी भारत-पाकिस्तान की टक्करआज जारी होगा कांग्रेस का घोषणा पत्र, युवाओं के लिए होंगे कई वादे'कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते', अमर जवान ज्योति के वॉर मेमोरियल में विलय पर राहुल गांधीVIDEO: राजस्थान का 35 प्रतिशत हिस्सा कोहरे से ढका, अब रहेगा बारिश और ओलावृष्टि का जोर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.