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फिर होगा भारत बंद, जीएसटी और एफडीआई के मुद्दे को लेकर इस तारीख को बंद का ऐलान

बंद में आधा दर्जन से अधिक अन्य व्यापारी संगठनों का भी समर्थन शामिल ।

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मिर्जापुर. एफडीआई और जीएसटी के विरोध में भारत बंद का ऐलान किया गया है।व्यापार करने में आ रही परेशानी और जीएसटी के विरोध में अब व्यापार मंडल इकाई ने 28 सितंबर को भारत बंद करने का ऐलान किया है। इस दौरान व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर जीएसटी और एफडीआई जैसे कानून का विरोध करेंगे।

मिर्जापुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियो ने मिर्जापुर में भारत बंद का आह्वान किया है। पदाधिकारियो ने दावा किया किया है कि बंद में आधा दर्जन से अधिक अन्य व्यापारी संगठनों का भी समर्थन शामिल है। प्रांतीय उपाध्यक्ष शत्रुघ्न केसरी ने बताया कि जीएसटी की विसंगतियों के कारण वर्तमान समय में व्यापार करना दूभर हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग किया कि जीएसटी की केवल दो दर हो, एवं दरों को न्यूनतम एक रखा जाए। इसके साथ ही एकल बिंदु व्यवस्था के माध्यम से जीएसटी का संचालन हो। जीएसटी मे किसी भी प्रकार का जुर्माना 10,000 से अधिक ना व जेल की सजा का प्रावधान समाप्त किया जाय। पूरे देश से मंडी शुल्क खत्म किया जाए और एक देश एक कर की सार्थकता को सिद्ध किया जाए।

उनका कहा कि जीएसटी की दरें व इसको स्वरूप प्रदान करने के लिए की जाने वाली कागजी कार्रवाई का सरलीकरण अत्यंत आवश्यक है। भारत में व्यापारी सामान्य शिक्षा प्राप्त भी नहीं है, जिन्हें व्यवस्था का सरलीकरण किए जाने से व्यापारियों को इसका लाभ होगा। इन्हीं सभी मांगों को लेकर के आगामी 28 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है।

वहीं जिलाध्यक्ष संजय सिंह गहरवार ने कहा देश का व्यापारी देश को चलाने के लिए सर्वाधिक राजस्व इकट्ठा करता है जो सरकार की आर्थिक गतिविधियों का संचालन करती है। ऐसी स्थिति में देशभर के व्यापारियों को 10 लाख का दुर्घटना बीमा और पेंशन की व्यवस्था सरकार को सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश से पूरे देश के अंदर व्यापारियों की कमर टूट जाएगी।

जिला उपाध्यक्ष शैलेन्द्र अग्रहरि ने बताया कि देश के हालात व्यापार करने के लिए उचित नहीं है, लगातार सरकार की नीतियों की वजह से निर्यात एवं मध्यम उद्योग अपनी आखिरी सांसे गिन रहे हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान व्यापारी नेता आयुष सिंह का कहना था कि केंद्र सरकार कि नीतियों कि वजह से आज व्यापारी समाज आहत है। इस दौरान अनिल अग्रवाल रामबाबू कसेरा, राहुल बरनवाल सहित कई व्यापारी नेता मौजूद रहे।

BY- SURESH SINGH