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मिर्जापुर. दूरसंचार विभाग को घाटे से उबारने के लिए लाये गये स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना के बाद बीएसएनएल विभाग में वीआरएस लेने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। मिर्जापुर जिले में 198 में से 98 कर्मचारियों ने वीआरएस के लिये आवेदन किया है और यह सभी 98 कर्मचारी 31 जनवरी को सेवामुक्त हो जायेंगे।
जनपद के अनगढ़ में स्थित दूरसंचार विभाग में कार्यरत करीब 198 कर्मचारियों के जिम्मे मिर्जापुर और सोनभद्र जिला आता है। सरकार के वीआरएस योजना के तहत स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए 98 कर्मचारियों ने आवेदन किया है। कर्मचारियों में भय का भूत इस कदर हावी है कि वह अपने भविष्य अब बच्चों की परवरिश को लेकर वीआरएस लेने को तैयार हैं। इसके लिए सरकार ने 50 वर्ष के ऊपर की आयु सीमा तय की है। उन्हें यह भय सता रहा है कि अगर बीएसएनल प्राइवेट सेक्टर में चला गया तो उनका पावना कैसे मिलेगा। 31 जनवरी 2020 को 98 कर्मचारी जिले से एक साथ सेवानिवृत्त होंगे।
दूरसंचार विभाग से वीआरएस लेने वाले कर्मी नागेन्द्र सिंह का कहना है दिन पर दिन विभाग की हालत खराब होती जा रही है। वहीं दूरसंचार विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि 70 से 75 फीसदी तक राजस्व कर्मचारियों के वेतन में जाता है । केंद्र सरकार ने 50 साल के ऊपर के कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना लायी है। इसके तहत जो वीआरएस लेना चाहते हैं उन्हें वेतन एवं पेंशन के साथ ही तमाम सुविधाएं दी जा रही हैं । कर्मचारियों की संख्या कम होने पर आउट सोर्सिंग से तीन साल के लिए कर्मचारियों को रखा जायेगा। देश में करीब 80 हजार कर्मचारी एक साथ वीआरएस ले रहे हैं। प्रत्येक कर्मचारी को 50 से 55 हजार तक का सैलरी दिया जाता है। अवर दूरसंचार अधिकारी, प्रशासन सुभाष चंद्र वर्मा का कहना है कि वीआरएस के बाद जिले में करीब 53 लाख मासिक वेतन का बोझ कम होगा ।
मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्र के छह अधिकारी और 92 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक वीआरएस का विकल्प चुना है। यह सभी कर्मचारी एक फरवरी को बीएसएनल ऑफिस से विदा होंगे। बता दें कि केन्द्र सरकार घाटे में चल रही भारत संचार निगम लिमिटेड की खस्ताहाल स्थिति से निपटने के लिए देश भर में 78000 कर्मचारियों को वीआरएस के लिए तैयार कर लिया है ।
BY- SURESH SINGH
Published on:
30 Dec 2019 04:17 pm
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