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बसपा चेयरमैन ने नगर पालिका अधिकारी को सैकड़ों समर्थकों के साथ कार्यालय में ही बनाया बंधक

मिर्जापुर के अहरौरा में बसपा के चेयरमैन ने समर्थकों के साथ अधिशासी अधिकारी को नगर पालिका कार्यालय में बनाया बंधक, लगाया गबन का आरोप।
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मिर्जापुर

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Mohd Rafatuddin Faridi

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Updated: 19 Dec 2017, 5:39 PM IST

BSP Chairman Ghulab Maurya Protest

मिर्ज़ापुर. शौचालय वितरण में धंधली और कमीशनखोरी पर अधिकारियों और नव निर्वाचित अध्यक्ष और सभासदों के बीच ठन गयी है। बसपा से जीते नगरपालिका अध्यक्ष ने शपथ लेने के बाद अपने ही कार्यालय में शौचालय के पैसे का भुगतान नहीं करने पर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी को कार्यालय में बंधक बना लिया।

BSP Chairman Ghulab Maurya Protest

मामला अहरौरा नगरपालिका के अध्यक्ष गुलाब मौर्य अपने साथ सैकड़ों समर्थकों को लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने अधिशासी अधिकारी विनय तिवारी पर शौचालय के लिये आए धन के गबन का आरोप लगाते हुए उन्हें बंधक बना लिया। वह कार्यालय में ही लोगों के साथ धरने पर बैठ गए।  

BSP Chairman Ghulab Maurya Protest

अध्यक्ष गुलाब मौर्या ने मीडिया को बताया कि ईओ ने कमीशन के चक्कर मे दो साल से आये 1678 शौचालय में से सिर्फ 413 शौचालय वितरित किये। पर बाकी 1265 शौचालयों का वितरण इस लिए नहीं किया गया क्योंकि वह इसके लिए सभी से एक हजार रुपया मांग रहे हैं।

BSP Chairman Ghulab Maurya Protest

इसके अलावा अभी जिन्हें शौचालय मिला है उनके खाते में भी पिछले छह महीनों में शौचालय के पैसों का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि शौचालय का पूरा पैसा ईओ कमीशन के चक्कर मे लाभर्थियों के खाते में ट्रांसफर नहीं कर रहे। इतना ही नहीं उन्होंने ईओ पर बिना उनकी अनुमति के ही दस दिनों के भीतर 27 लाख रुपये का भुगतान ठेकेदारों को करने का आरोप लगाया।

BSP Chairman Ghulab Maurya

वहीं बंधक बने ईओ ने शौचालय का धन खाते में ट्रांसफर नहीं होने पर इसके लिये बैंक को जिम्मेदार बताया। वह कहते रहे कि भुगतान जल्द से जल्द हो जाएगा, पर अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ तत्काल भुगतान के लिये अड़ गए। वह मांग करने लगे कि ईओ को भी हटाया जाए। अध्यक्ष ने कहा कि दो साल से पड़े इन सभी शौचालयों का वितरण कर दिया गया होता तो बीजेपी कभी नहीं हारती। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अध्यक्ष व ईओ का यह टकराव कितने दिन तक चलता है।