जनपद की प्रसिद्ध कजली गायिका अजीता श्रीवास्तव को घोषित पद्म पुरस्कारों में पद्मश्री पुरस्कार दिया गया है। अजीता श्रीवास्तव 70 के दशक से ही मिर्ज़ापुर की प्रसिद्ध लोक संगीत कजली से जुड़ी है। कजली में विशेष योगदान के लिए उन्हें इससे पहले 2017 संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिल चुका है। पद्मश्री पुरस्कर मिलने पर अजीता श्रीवास्तव ने खुशी जताते हुए आभार जताया कहा कि इससे कजली के प्रति लोगो का लगाव बढ़ेगा। सरकार भी मदद करेगी। फिलहाल अजीता श्रीवास्तव पहली महिला लोक गीत गायिका है जिन्हें पद्मश्री पुरस्कार मिला है।
पुरस्कार की घोषणा होने के बाद अजीता श्रीवास्तव ने कहा, ”मैं मां अनन्य भक्त हूं। मुझे संचार माध्यमो के जरिये ही पता चला। कजली के उत्थान के लिए सरकार और लोग ध्यान देंगे तो यह लोक संगीत जिन्दा रहेगा। अजीता श्रीवास्तव का जन्म वाराणसी में हुआ उनकी शिक्षा दीक्षा वाराणसी में हुई। काशी हिन्दू विश्व विद्यालय से एमए, बीएड करने के बाद उनकी शादी मिर्ज़ापुर में हुई।यहां शहर में स्थित आर्यकन्या पाठशाला में शिक्षक की नौकरी शुरू किया। अजिता श्रीवास्तव कजली से 1970 से ही जुड़ी हुई है। कुछ समय तक आकाशवाणी-दूरदर्शन से भी जुड़ी रही के लिए भी उन्होंने कजली गीत गाया।