
मिर्ज़ापुर. पत्रिका की खबर का बड़ा असर हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी दलित परिवार के दर्जनों परिवार को आवास मिलने के बाद भी खुले आसमान के नीचे रहने पर मजबूर होने की खबर जब पत्रिका ने लगाया तो जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
आननफानन में जिला परियोजना अधिकारी ने मामले की जांच के लिए चील्ह ब्लॉक के वीडियो को मौके भेजा। जांच के बाद मामला सही पाए जाने पर चील्ह थाने में अनिरुद्ध पुर पूरब पट्टी के ग्राम प्रधान पति पर प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों ने धोखाधड़ी व धन गमन का मुकदमा दर्ज कराया है। बता दें कि, विकासखंड कोन के अनिरुद्ध पुर पूरब पट्टी गांव में गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया गया था।
प्रत्येक लाभार्थियों के खाते में शासन द्वारा प्रथम किस्त 44,000 44,000 भेज दिया गया था। आवास लाभार्थी नीलू पत्नी मनोज कुमार निवासी अनिरुद्ध पुर पूरब पट्टी ने आरोप लगाया है कि, ग्राम प्रधान व प्रधान पति दोनों ने खाते से पैसा निकलवा कर ₹20000 का आवास के लिए मटेरियल गिरवाया तथा शेष धन धोखाधड़ी कर गमन कर दिया।
गौरतलब है कि, आवास लाभार्थी 13 दिसंबर को जिला अधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया था। जिसकी खबर पत्रिका द्वारा छापे जाने के बाद इस संबंध में विकास खंड कोन के बीडीओ नीरज दुबे ने अनिरुद्ध पुर पूरब पट्टी गांव में जाकर जांच किया था। जांच के बाद प्रथमदृष्टया प्रधान व प्रधान पति दोषी पाए गए।
खंड विकास अधिकारी ने चील्ह थाना अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया था कि, अनिरुद्ध पुर पूरब पट्टी के आवास लाभार्थी प्राथमिकी दर्ज कराएंगे तो प्रधान व प्रधान पति के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इस संबंध में आवास लाभार्थी नीलू देवी ने तहरीर चील्ह थाना में प्रधान व प्रधान पति के विरुद्ध तहरीर दिया था। जिस पर कारवाई करते हुए पुलिस ने आईपीसी की धारा 419, 420 ,409, 504, 506 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच कर रही है प्रधान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने पर विकासखंड कोन के ग्राम प्रधानों में हड़कंप का माहौल है। अन्य प्रधानों को भी करवाई का भय सता रहा है।
input- सुरेश सिंह