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गेहूं-चावल की खेती छोड़ ड्रैगन फ्रूट के दिवाने हुए किसान, पांच गुने का हो रहा फायदा

किसानों को मालामाल बना ड्रैगन फ्र्र्रूट, जानिये कैसे करें इसकी खेती उद्यान विभाग की मदद से किसान हो रहे मालामाल

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dragon fruit

ग्राउंड रिपोर्ट

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मिर्ज़ापुर. अपनी आय दोगुनी करन के लिये किसान परम्परागत खेती छोड़कर मुनाफे वाली फसलों व फलों और सब्जियों की खेती का रुख कर रहे हैं। इसमें एक नया नाम जुड़ गया है ड्रैगन फ्रूट का। विदेशों से आयात किये जाने वाले इस फल को अपने खेतों में उपजाकर गांव के किसान लाखों रुपये कमा सकते हैं। मिर्जापुर में कुछ किसानों ने इसकी खेती शुरू भी कर दी है और उन्हें इसके अच्छे परिणाम भी मिले हैं। कम लागत और अधिक मुनाफे के चलते तेजी से किसान इसकी खेती की ओर मुड़ रहे हैं। थाईलैंड, मलेशिया और श्रीलंका में पाया जाने वाला यह फल जितना पौष्टिक है उतना ही महंगा बिकता है। एक बार बोआई कर सालों तक इसकी फसल ली जा सकती है। यह स्थानीय बाजारों के साथ ही सुपर मार्केट और स्टोर्स में भी इसकी खूब डिमांड रहती है। इस फल का प्रयोग कई बीमारियों में लाभदायक माना गया है।

एक बार लगाएं, 30 साल तक फसल पाएं

परंपरागत खेती से यह बिल्कुल अलग है। आम अमरूद के बागीचे की तर्ज पर इसकी बोआई सिर्फ एक बार करनी होती है। पौधों में फल तैयार होने में करीब 15 महीनों का समय लगता है। इसके बाद इनकी तेड़ाई की जाती है। बड़ी बात यह कि इसमें बहुत अधिक देखभाल की जरूरत भी नहीं पड़ती। ड्रैगन फ्रूट बाजार में आसानी से 200 से 500 रुपये किलो के भाव से बिक जाता है।

5 से 6 लाख की सालाना आय

यह किसानों के लिये बेहद फायदेमंद है। इसकी खेती करने वाले किसानों ने बताया कि एक एकड़ की बोआई में करीब पांच लाख रुपये की लागत आती है। थोड़ी सी मेहनत से 15 महीनों में ही फसल तैयार हो जाती है। एक पौधे से तीस साल तक फसल ली जा सकती है। एक एकड़ की बोआई से हर साल करीब पांच से छह लाख रुपये की आय हो सकती है।

आशाराम को हुआ फायदा, अब दो एकड़ में करेंगे खेती

मिर्जापुर के सीटी ब्लाॅक के आशाराम उन प्रगतिशील किसानों में से एक हैं, जिन्होंने प्रयोग के तौर पर ड्रैगन फ्रूट की खेती की और फसल तैयार होने पर उन्हें काफी फायदा हुआ। अब आशाराम दो एकड़ में इसकी खेती की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिये किसी तरह के कीटनाशक की जरूरत नहीं पड़ती और पानी भी कम लगता है। कम लागत में मुनाफा बेहद अधिक मिलता है। बाजार में अभी इसकी कीमत 200 रुपये प्रति किलो मिल रही है।

उद्यान विभाग कर रहा है मदद

अगर कोई किसान इसकी खेती करना चाहे तो उद्यान विभाग उसकी मदद करेगा। जिला उद्यान अधिकारी मेवा लाल ने बताया कि यह दक्षिण एशियाई फल है, जिसका आयात भारत मे होता है। यह किसानों के लिये बेहद फायदेमंद खेती है। मिर्जापुर में किसानों को इसकी खेती के लिये खासतौर से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उद्यान विभाग खुद इसका बीज और पौधा किसानों को उपलब्ध करा रहा है। तैयार पौधे की कीमत प्रति पौधा पचास रुपये है।

ड्रैगन फ्रूट के फायदे

ड्रैगन फ्रूट गुलाबी रंग का एक स्वादिष्ट फल होता है, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इस कई बीमारियों में भी लाभदायक माना गया है। इसमें एंटीऑक्सी डेंट के गुण काफी मात्रा में मौजूद होते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन सी, प्रोटीन और कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ड्रैगन फल कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल, कोशिकाओं और ह्रदय की सुरक्षा के साथ फाइबर से भरपूर होता है।

By Suresh Singh