
यहां रावण का पुतला दहन नहीं, बल्कि सिर कलम कर किया गया वध, आजादी के पहले से चली आ रही है परम्परा
मिर्ज़ापुर. विजयादशमी के दिन एक ओर जहां पूरे देश में रावण दहन किया जा रहा था वहीं ड्रमंडगंज रामलीला मैदान में आयोजित दशरा मेले में दशकों पुरानी परम्परा का निर्वहन करते हुए राम ने रावण का सिर कलम कर उसका वध किया और असत्य पर सत्य की विजय पताका लहराई। कमेटी के उपाध्यक्ष अनिल केशरी ने बताया कि यह परम्परा आजादी के पहले से चली आ रही है। यहां विजयादशमी के दिन राम रावण का दहन करने की वजाय उसके दस सिर अपने बाण से कलम करते है।
दशहरा मैदान में शुक्रवार को आयोजित विजयदशमी मेला में राम रावण युद्ध के बाद, राम ने रावण का सिर कलम कर उसका वध कर दिया। राम ने रावण का वध कर असत्य पर सत्य की विजय पताका लहराई तो पूरा मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज मान हो गया।
बता दें कि हलिया ब्लाक के ड्रमंडगंज का विजयदशमी मेला काफी प्रसिद्ध है। विजयदशमी का मेला व रावणवध देखने के लिए आसपास के जिलों के अलावा मध्यप्रदेश के लोग भी आते हैं। स्थनीय लोगों का मानना है कि यहां आने वाले लोग रामलीला कम बल्कि रावण वध देखने के लिए ज्यादा संख्या में आते है।
वहीं शुक्रवार को विजयादशमी के दिन शाम चार बजे राम व रावण का रथ रामलीला मैदान से निकल कर दशहरा मैदान पहुंचा, जहां राम रावण के बीच युद्ध शुरू हुआ जब भगवान राम रावण का वध करने के लिए बाण चलाते हैं तो रावण का एक-एक कर दसों सिर कटकर धड़ में लटकने लगता है। अहंकार रूपी रावण के वध और असत्य पर सत्य की विजय पर जयश्रीराम के उद्घोष से क्षेत्र गूंज उठता है।
रामलीला के बाद लोहे के इस रावण को अगले साल के लिए सुरक्षित रख दिया जाता है। कमेटी के उपाध्यक्ष अनिल केशरी का कहना है कि यह कोई नयी परंपरा नहीं, बल्कि आजादी के पहले से चली आ रही है। आज भी यह परंपरा कायम है। विजयदशमी के मौके पर ड्रमंडगंज बाजार में राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर पटरियों पर सुबह से ही दुकानें सजी रही। दशहरा देखने के साथ ही लोगों ने जमकर खरीदारी की और बच्चों ने तहर तरह के खिलौने खरीदे और मजकर मौज मस्ती किया।
Published on:
20 Oct 2018 01:05 pm
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