वहीं शुक्रवार को विजयादशमी के दिन शाम चार बजे राम व रावण का रथ रामलीला मैदान से निकल कर दशहरा मैदान पहुंचा, जहां राम रावण के बीच युद्ध शुरू हुआ जब भगवान राम रावण का वध करने के लिए बाण चलाते हैं तो रावण का एक-एक कर दसों सिर कटकर धड़ में लटकने लगता है। अहंकार रूपी रावण के वध और असत्य पर सत्य की विजय पर जयश्रीराम के उद्घोष से क्षेत्र गूंज उठता है।