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किशोर के साथ पुलिसकर्मियों ने की मारपीट, शिकायत करने पर दी करंट लगाकर मारने की धमकी, एसपी ने बैठाई जांच

अष्टभुजा मंदिर के पास एक नाबालिक दुकानदार के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं...

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उत्तर प्रदेश पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मिर्जापुर: विंध्याचल थाना क्षेत्र में स्थित अष्टभुजा मंदिर के पास एक नाबालिक दुकानदार के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने पुलिसकर्मियों की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित ने मामले की शिकायत जिले के उच्च अधिकारियों से की। इसके बाद एसपी ने मामले में जांच बैठाई है।

जानकारी के मुताबिक, नाबालिक पीड़ित ने बताया कि मंदिर के पास ही वह चूड़ी व कंगन की दुकान लगता है।आरोप है कि 25 मार्च को दोपहर में अष्टभुजा चौकी प्रभारी सुनील कुमार मिश्रा और कांस्टेबल धर्मेंद्र पाल उसकी दुकान पर पहुंचे। पीड़ित ने बताया कि वह गर्मी से बचने के लिए पंख लगाकर बैठा था, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे पंखा हटाने की बात कही।

चौकी में भी प्रताड़ित करने का आरोप

पीड़ित ने बताया कि इस दौरान पुलिस कर्मियों ने उससे अभद्रता से बात की और जब उसने कारण पूछा और विरोध किया तो पुलिसकर्मी उसे अपने साथ पिटाई करने के बाद अष्टभुजा चौकी पर ले गए और वहां भी उसके साथ मारपीट की। नाबालिक ने आरोप लगाया है कि पुलिस कर्मियों ने उसे एक दिन तक चौकी में रखा और मारपीट करते हुए उसे प्रताड़ित किया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कहा है कि यदि वह इसकी शिकायत किसी से करेगा तो उसे करंट लगाकर मार दिया जाएगा।

पीड़ित के परिजनों ने बताया कि घटना की जानकारी होने के बाद वे पुलिस चौकी पर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें उनके बेटे से मिलने नहीं दिया गया। इस मामले में पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन श्रीमाली को ज्ञापन देकर पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है, जिसके बाद उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

क्या बोलीं एसपी

इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने कहा है कि विवाद दुकान के सामने लगाए गए पंखे को लेकर था। पंखे के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया था और लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही थी। उन्होंने कहा है कि मारपीट की भी बात सामने आई है, जिसको लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं। क्षेत्राधिकारी नगर इस मामले की जांच कर रहे हैं। यदि जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।