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मेडिकल कॉलेज पर सियासत तेज, विपक्ष ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री पर साधा निशाना, कही ये बड़ी बात

सपा नेता ने अनुप्रिया पटेल पर साधा निशाना: कहा, झुनझुना...

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sp leader ashish yadav statement on anuprita patel

मेडिकल कॉलेज पर सियासत तेज, विपक्ष ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री पर साधा निशाना, कही ये बड़ी बात

मिर्ज़ापुर. जिले में बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज कहीं चुनावी झुनझुना साबित न हो जाय। लोकसभा 2019 के लिए चुनावी समर कि घोषणा होना बाकी है, मगर पार्टियां अपने स्तर से कमर कस चुकी हैं। आम चुनाव होने में महज एक साल बचे हैं। जिनमें से दो से तीन महीने चुनाव आचार संहिता लगने के कारण विकास कार्य ठप रहेगा। कुल मिला कर वर्तमान सरकार के पास अपनी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए महज सात से आठ महीने का समय शेष है।

ऐसे में जिले से सांसद और केंद्रीय स्वास्थ राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल कि सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मेडिकल कॉलेज के चुनावी वर्ष में समय से तैयार होने पर विपक्षी पार्टियों द्वारा सवाल खड़ा किया जाने लगा है। जहां एक तरफ विपक्ष इसे सिर्फ चुनावी घोषणा बता कर खारिज करने पर लगा है तो वही केंद्रीय मंत्री इसे अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही हैं। इसी को लेकर सपा नेता आशीष यादव ने अनुप्रिया पटेल पर निशाना साधा है।

मेडिकल कॉलेज के लिए शहर से थोड़ी दूर कांशीराम आवास के पास कृषि विभाग की 21.18 एकड़ जमीन को प्रदेश सरकार ने आवंटित किया है। योगी सरकार द्वारा कैबिनेट से पास होने के बाद जमीन और मेडिकल कॉलेज को लेकर संसय जरूर दूर हुआ है। लेकिन इसको लेकर अभी भी प्रशासनिक या जमीनी स्तर पर कोई प्रगति दिखाई नहीं दे रहा है। इसलिए सबसे बड़ी चुनौती इसके तय समय में पूरा करने को लेकर है। सवाल खड़े किए किये जा रहे हैं कि, अगर जिले में स्वास्थ्य विभाग की चल रही परियोजनाओं की प्रगति देखे तो यह काम बहुत मुश्किल दिखाई पड़ रहा है। मंडलीय अस्पताल में चल रहा ट्रामा सेंटर का निर्माण 2015 से सपा सरकार के समय से चल रहा है, मगर आज तक यह पूरा नहीं किया जा सका।

लिहाजा मेडिकल कॉलेज के आम चुनाव से पहले तैयार होने पर संसय के बादल मंडरा रहे हैं। यही कारण है सपा के जिला अध्यक्ष आशीष यादव इसे सिर्फ कागजी जुमलेबाजी करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि, पांच साल तक जैसे कुछ नहीं हुआ इसमें भी कुछ नहीं होगा। जब से घोषणा हुई है प्रस्तावित जमीन पर कोई नाप जोख नहीं हुई है। उनका कहना था कि, यह सिर्फ चुनाव में लाभ के लिए घोषणा हुई है। जबकि उन्हें कोई लाभ नहीं मिलेगा। फिलहाल केंद्र सरकार के अंतिम साल में मेडिकल कॉलेज अनुप्रिया पटेल के लिए भी बड़ी चुनौती है। क्योंकि पिछले चार सालों में जिले में करवाये गए तमाम कार्यो में मेडिकल कॉलेज और एन एच-7 कि मरम्मत का कार्य उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

input सुरेश सिंह