
22,600 सैनिकों की याद में बना देश का पहला वॉर मेमोरियल, जानिए इसके बार में 10 अहम बातें
नई दिल्ली। देश के पहले वॉर मेमोरियल का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को उद्घाटन किया। 25 हजार से ज्यादा सैनिकों की याद में बने इस वॉर मेमोरियल को बनाने में 176 करोड़ रुपए की लागत आई है। काफी समय से राजनीतिक और प्रशासकीय उदासीनता का शिकार होते आए वॉर मेमोरियल को 60 साल पहले ही प्रस्तावित किया गया था। इतना ही नहीं इसका उद्घाटन पिछले साल 15 अगस्त 2018 को ही होना था। लेकिन, समय पर काम पूरा नहीं होने के कारण इसे टाल दिया गया था। इस मौके पर हम आपको इस वॉर मेमोरियल की 10 अहम बातें बताने जा रहे हैं।
1- इस वॉर मेमोरियल में चार वृत्ताकार परिसर होंगे। साथ ही एक ऊंचा स्मृति स्तंभ भी होगा, जिसके अंदर हमेशा अखंड ज्योति जलती रहेगी।
2- यह वॉर मेमोरियल 25 हजार से ज्यादा सैनिकों की याद में बनाया गया है, जो देश का पहला वॉर मेमोरियल होगा। इससे पहले अंग्रेजों ने प्रथम विश्वयुद्ध में शहीद हुए 84,000 भारतीय जवानों की याद में इंडिया गेट बनवाया था। इसके बाद 1971 की लड़ाई में शहीद हुए 3843 जवानों के सम्मान में अमर जवान ज्योति बनाई गई।
3- इस नेशनल वॉर मेमोरियल को ऐसे तैयार किया गया है, जिससे राजपथ और इसकी भव्य संरचना के साथ कोई छेड़छाड़ न हो।
4- इस नेशनल वॉर स्मारक में अमर चक्र, वीर चक्र, त्याग चक्र और रक्षा चक्र के साथ शाश्वत लौ भी जलती रहेगी।
5- केंद्रित गोलाकार डिजाइन में बनाया गया यह स्मारक लगभग 40 एकड़ में फैला है और इसके केंद्र में 15 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ बनाया गया है।
6- नेशनल वॉर मेमोरियल इंडिया गेट के सी-हेक्सागॉन में है।
7- इस वॉर मेमोरियल में एक वॉर म्यूजियम भी बना है। यहां पर परमवीर चक्र विजेताओं के बस्ट भी लगे हुए हैं।
8- अगले वर्ष से गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम इसी वॉर मेमोरियल पर होंगे। इस वॉर मेमोरियल के लिए एंट्री पूरी तरह फ्री है।
9-अप्रैल से अक्टूबर के दौरान सुबह नौ बजे से शाम के 7:30 तक यह मेमोरियल आम जनता के लिए खुला रहेगा।
10 वहीं, नवंबर से मार्च तक इसका समय सुबह नौ बजे से शाम के 6:30 बजे तक होगा।
Updated on:
25 Feb 2019 08:39 pm
Published on:
25 Feb 2019 12:51 pm
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