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नई दिल्ली। नाबालिग से दुराचार के आरोपी आसाराम के मामले में एक तरफ 25 अप्रैल को आने वाले फैसले से राजस्थान सरकार डरी हुई है। सरकार को डर है कि फैसले के दिन आसाराम के समर्थक राम-रहीम के समर्थकों की तरह हिंसा पर न उतर जाएं। ऐसे में सरकार ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि फैसले के दिन आसाराम को जोधपुर की कोर्ट में तलब करने के बजाय जेल में ही फैसला सुना दिया जाए। वहीं, दूसरी ओर पिछले पांच सालों में आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले खौफ के साए में जी रहे हैं। अब तक 10 गवाहों पर जानलेवा हमले हो चुके हैं।
गवाहों पर खौफ का असर
आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले लगातार उन पर हो रहे हमले की शिकायत करते रहे हैं। मामले को लेकर हो रही देरी के कारण पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को फटकार लगाई थी। उसका कहना था आसाराम के खिलाफ गवाह देने वालों को धमकाया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले पांच सालों से आसाराम जेल में बंद है फिर भी उसके मामलों से जुड़े कई गवाहों की हत्या हो चुकी है और कई लोगों पर जानलेवा हमले हो चुके हैं। आइए जानते है कि अब तक कितने लोगों पर हमले हुए हैं और कितने लोगों की जानें जा चुकी हैं।
इन 10 गवाहों पर हुए जानलेवा हमले
1. आसाराम के खिलाफ चल रहे रेप मामले के मुख्य गवाह कृपाल सिंह को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के पुवायन इलाके में गोली मार दी गई थी। मगर वह इस हमले में बच गए थे।
2. किसी जमाने में आसाराम के बेहद खास रहे दिनेश गुप्ता की उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सरेआम हत्या कर दी गई थी।
3. अखिल गुप्ता करीब 10 साल तक आसाराम के साबरमती आश्रम में रसोइया रहा। सूरत में दो बहनों के साथ रेप मामले में वह मुख्य गवाह था। उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
4. आयुर्वेद डॉक्टर अमरुत प्रजापति ने लगभग 12 साल तक आसाराम और उनके परिवार का इलाज किया। वह सूरत में दो बहनों के साथ रेप मामले में सरकारी गवाह बने। राजकोट में उन्हें गोली मार दी गई।
5. महेंद्र चावला आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के खास लोगों में से एक थे। वह नारायण साईं के खिलाफ रेप मामले में गवाह थे। पानीपत में बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी। मगर उन्हें बचा लिया गया।
6. आसाराम के आश्रम के पूर्व कार्यकर्ता सचान रेप मामले में गवाह हैं। उन पर जोधपुर कोर्ट के बाहर चाकू से जानलेवा हमला हुआ।
7. आसाराम के आश्रम के पूर्व कर्मचारी राजू चंदोक पर अहमदाबाद में गोलियां चलाई गई थीं। जिसमें वह बाल—बाल बच गए थे।
8. सूरत आसाराम के निकट सहयोगी रहे दिनेश बागचंदानी आसाराम के खिलाफ रेप मामले में मुख्य गवाह हैं। उन पर सूरत में हमलावरों ने तेजाब फेंका था।
9. विमलेश ठक्कर आसाराम की एक साधिका के पति हैं। इस साधिका ने नारायण साईं पर उनके जहांगीरपुरा आश्रम में यौन हमले का आरोप लगाया था। विमलेश पर चाकुओं से हमला किया गया था।
10. राकेश पटेल का सूरत में वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का कारोबार है। उन्होंने कई मौकों पर आसाराम और उनके परिवार की तस्वीरें उतारी हैं। मामले में उन्हें गवाह बनाया गया था। सूरत में उनपर भी हमला हुआ था।
Updated on:
17 Apr 2018 10:51 am
Published on:
17 Apr 2018 10:49 am
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