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शौचालय बनवाने के लिए मिसाल बनी 13 साल की बच्ची, 2 दिन तक छोड़ा खाना-पीना

उपवास के दौरान बच्ची की तबियत भी होने लगी थी खराब

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Kapil Tiwari

Feb 27, 2018

Toilet Demo pic

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बेल्लारी: पूरे देश में इस वक्त स्वच्छता अभियान चल रहा है और अभी तक स्वच्छता अभियान के तहत देश भर में 5 करोड़ के आसपास शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। हालांकि इसके बावजूद भी देश में कई गांव, कई इलाके ऐसे हैं, जहां लोग शौचालय निर्माण के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कर्नाटक से सामने आया है, जहां पर एक 13 साल की बच्ची ने शौचालय बनवाने के लिए 2 दिन तक उपवास रखा।

शौचालय के लिए रखा उपवास
अभी तक शौचालय के निर्माण को लेकर कई लोगों ने ऐसे मिसाल पेश की हैं, जिन्हें याद रखा जाएगा। लेकिन 13 साल की इस बच्ची ने जो कर दिखाया वो शायद ही कोई कर पाता। मामला कर्नाटक के बेल्लारी जिले के सिरुगुप्पा तालुक के गांव तालूर का है। गांव की एक छात्रा जो कि सातवीं कक्षा में पढ़ती है, उसने घर में शौचालय ना बनने तक कुछ भी खाने और पीने से साफ इंकार कर दिया। लड़की का नाम एच महनकाली है। महनकाली ने शौचालय की महत्ता की बात पंचायत द्वारा आयोजित किए गए एक जागरुकता कार्यक्रम में सुनी थी।

गांव की आईकॉन बनी 13 साल की छात्रा
छात्रा की इस लड़ाई के बाद उसे पूरे गांव का आईकॉन बना दिया गया है। महनकाली गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ती है। उसके परिवार को साल 2015-16 में ही शौचालय आवंटित किया गया था लेकिन वह बना नहीं। फरवरी के पहले हफ्ते में आयोजित हुए जागरुकता अभियान में हिस्सा लेने के बाद महनकाली घर वापस आई और कुछ भी खाने-पीने से तब तक के लिए मना कर दिया, जब तक उसके माता-पिता टॉयलेट बनवाने के लिए राजी नहीं हो जाते हैं।

महनकाली के हौंसलों के आगे पस्त हुए गांव के लोग
महनकाली की ये जिद उसे भारी भी पड़ती दिख रही थी। भूख हड़ताल की वजह से उसकी तबियत खराब होना शुरु हो गई थी। इसके बावजूद भी महनकाली अपने फैसले पर अडिग रही और दो दिनों तक कुछ नहीं खाया। इसके बाद यह मामला ग्राम पंचायत और स्थानीय दफ्तर के पास पहुंचा। जिसके बाद पंचायत के लोगों ने उसे उपवास तोड़ने के लिए कहा मगर उसने मना कर दिया। लड़की को मनाने में असफल रहे अधिकारियों ने उसके घर के बाहर शौचालय बनवाने का काम शुरू कर दिया।