
1963 - bhakhra nangal dam
इस समय तक आते आते भारत को आजादी मिले 16 साल हो चुके थे और अब भारत तरक्की की रफ्तार पकड़ चुका था। साल 1963 में भारत को सबसे बड़ी सौगात मिली भाखड़ा-नांगल डैम की। यह एशिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध बना। यह कंक्रीट ग्रेविटी डैम सतलज नदी पर बिलासपुर में बनाया गया। इस बांध की लंबाई 518.25 मीटर और चौड़ाई 9.1 मीटर है। वहीं इस पर बना गोबिंद सागर कुंड करीब 9.34 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी स्टोर कर सकता है।
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस बांध को न्यू टेंपल ऑफ रिसर्जेंट इंडिया का नाम दिया था। इस बांध का निर्माण कार्य आजादी के एक साल बाद 1948 में शुरू हुआ था। इसके निर्माण में पहली कंक्रीट की बालटी खुद चाचा नेहरू ने ही डाली थी। बांध बन कर 1963 के अंत तक तैयार हुआ।
रिजर्वेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया बड़ा कदम
आजादी के समय जब हमारा संविधान बन रहा था, तब निचले तबके के लोगों को भी आजाद भारत में बराबरी का हक दिलवाने के लिए आरक्षण दिया गया था। यह आरक्षण कुछ सालों के लिए था। वर्ष 1963 में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए यह कहा कि किसी भी संस्थान के लिए यह आरक्षण कभी भी 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता। यह फैसला एमआर बालाजी वर्सेस मायसोर के केस में सुनाया गया था।
इस फैसले के बाद तमिल नाडु और राजस्थान को छोड़ कर हर राज्य ने रिजर्वेशन को 50 फीसदी के अंदर समेट दिया। तमिलनाडु में 9वें शेड्यूल के चलते 69 प्रतिशत, जबकि राजस्थान में वर्ष 2008 में गुजर आंदोलन के बाद 14 प्रतिशत फॉर्वर्ड कास्ट के लिए करते हुए 68 प्रतिशत आरक्षण कर दिया गया था। तमिलनाडु ने यह लिमिट 1980 में पार की थी।
मेरे महबूब फिल्म बनी बड़ी हिट
वर्ष 1963 में रिलीज हुई फिल्म मेरे महबूब उस साल की बड़ी हिट साबित हुई। फिल्म में रजेंद्र कुमार, साधना, अशोक कुमार, निम्मी, प्राण, जॉनी वॉल्कर और अमीता मुख्य किरदारों में नजर आए थी। यह फिल्म अलिगढ़ **** यूनिवर्सिटी के बैकड्रॉप पर थी। फिल्म का गाना मेरे महमूब तुझे मेरे... यूनिवर्सिटी के हॉल में ही शूट किया गया था। फिल्म को 1963 में बेस्ट फीचर फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड भी मिला था।
Published on:
10 Aug 2017 07:42 am
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