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1970 – भारत में श्वेत क्रांति की शुरुआत

भारत को विश्व मे दुध का सबसे बढ़ा उत्पादक बनाने के उद्देश्य से साल 1970 में ऑपरेशन फल्ड नाम से एक अभियान चलाया गया था

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जयपुर

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Sunil Sharma

Aug 11, 2017

1970 - white revolution in india

1970 - white revolution in india

भारत को विश्व मे दुध का सबसे बढ़ा उत्पादक बनाने के उद्देश्य से साल 1970 में ऑपरेशन फल्ड नाम से एक अभियान चलाया गया था, जो कि आगे चलकर श्वेत क्रांति के रूप में जाना गया। वर्गीज कुरियन को इस क्रांति का जनक के रूप में फेमस हुए। सन् 1970 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा शुरु की गई योजना ने भारत को विश्व मे दुध का सबसे बढा उत्पादक देश बनाने में मदद की।

कुरियन ने 1965 से 1998 तक 33 साल एनडीडीबी के अध्यक्ष के तौर पर सेवाएं दीं थी। 60 के दशक में भारत में दूध की खपत जहां दो करोड़ टन थी वहीं 2011 में यह 12.2 करोड़ टन पहुंच गई। उनके इस अमूल्य योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित भी किया था।

1970 में बजाज ऑटो 1,00,000वें वाहन को पेश किया था

ऑटोमोबाइल कंपनी बजाज ऑटो की गिनती में भारत की शीर्ष वाहन कंपनियों में होती है। बजाज ऑटो की स्थापना 29 नवंबर, 1945 को हुई थी। जमनालाल बजाज इस कंपनी के संस्थापक थे। साल 1970 में बजाज ऑटो ने अपने 1,00,000वें वाहन को पेश किया था। बजाज का चेतक स्कूटर भारत में काफी पॉपुलर रहा था। मोटरसाइकिल मैन्युफैक्चरिंग में बजाज देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है जबकि विश्व में इसका छठा वां स्थान है। वहीं तिपहिया वाहन मैन्युफैक्चरिंग में यह विश्व की सबसे बड़ी कंपनी है। हाल ही में बजाज ने कार मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कदम रख दिया है।

17 अक्टूबर 1970 को पैदा हुए थे भारतीय क्रिकेट के जंबो

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अनिल कुंबले ऐसे महान खिलाड़ी हुए है जो आज भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के जहन में बसे हुए है। 17 अक्टूबर 1970 में जन्में अनिल कुंबले ने 9 अगस्त 1990 को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। अपने टेस्ट करियर की दौरान ने कुंबले ने 132 मैंचों की 236 पारियों में 619 विकेट लिए थे।

कुंबले का बेस्ट प्रदर्शन दिल्ली की फिरोजशाह कोटला स्टेडियम पर देखने को मिला था। जब उन्होंनें 7 फरवरी 1999 को कोटला की पिच पर पाकिस्तान के सभी 10 खिलाड़ियों टेस्‍ट मैच की एक ही इनिंग्‍स में आउट कर इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाया था। उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच 2 नवंबर 2008 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्हें टीम इंडिया के हेड कोच की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।