
1972 india pakistan war treaty
हमारे देश को आजादी तो 15 अगस्त 1947 में ही मिल गई थी, लेकिन उस समय भारत के जो दो हिस्से हुए, उनमें शांति की उम्मीद मुश्किल थी। वर्ष 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरु हुआ और 2 जुलाई 1972 को पाकिस्तान ने भारत के आगे समर्पण कर दिया। यह नई शुरुआत थी। यह दोनों देश दोस्त तो नहीं बने थे, लेकिन यह तय था कि अब दोनों देशों के बीच फिलहाल कोई युद्ध नहीं होगा।
दोनों देशों के बीच एतिहासिक बायलेट्रल शिमला एग्रीमेंट साइन हुआ। यह संधि हुई कि दोनों देश अपने आपसी विवाद शांति से सुलझाएंगे। यह संधि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में साइन की गई थी, इसलिए इसे शिमला एग्रीमेंट का नाम मिला। आपको बता दें कि १९७१ में युद्ध तो बांग्लादेश की पाकिस्तान से आजादी के लिए शुरू हुआ था। इसमें भारत ने बांग्लादेश का साथ दिया, ताकि उसे पाकिस्तान से आजादी मिल सके और वह अलग देश बन सके, लेकिन पाकिस्तान को यह बात नागवार गुजरी और यह युद्ध बांग्लादेश लिबरेशन वॉर से इंडो-पाक वॉर १९७१ बन गया।
मणिपुर बना राज्य
साल १९७२ में ही मणिपुर को भारत में राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। आजादी से पहले मणिपुर रियासत हुआ करती थी। द्वितीय विश्व युद्ध के समय मणिपुर जापानी आक्रमणों और ब्रिटिश इंडियन फोर्सेस के बीच हुए युद्धों का गवाह बना। उस समय इम्फाल में दाखिल होने से पहले ही जापानियों को खदेड़ दिया गया था। हालांकि इस युद्ध के बाद भारत आजादी की लड़ाई की तरफ बढ़ गया। अक्टूबर १९४९ में मणिपुर भारत का हिस्सा बन गया। हालांकि १९५६ में मणिपुर को यूनियन टेरिटरी बना दिया गया और वर्ष १९७२ में इसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिल गया।
भारत में पिनकोड लागू हुए
भारत के स्वर्णिम इतिहास में १५ अगस्त १९७२ गर्व से भर देने वाला दिन था। इस दिन भारत को उसके पिनकोड यानी कि पोस्टल इंडेक्स नंबर हासिल हुए। यह पिनकोड आज भी व्यापक रूप से पूरे देश में इस्तेमाल लिए जा रहे हैं। यह देशभर के पोस्ट ऑफिसेस को दिए गए कोड थे जिसे भारतीय पोस्टल एडमिनिस्टेशन इंडिया पोस्ट ने जारी किया था। यह कोड छह अंकों के हैं। १५ अगस्त १९७२ को यूनियन मिनिस्ट्री ऑफ कम्यूनिकेशंस के एडिशनल सेक्रेटरी श्रीराम भिकाजी वेलनकर ने यह पिन कोड सिस्टम जारी किया था।
Published on:
11 Aug 2017 07:43 am
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