
1976 - land reformation bill
सन 1976 का साल प्रशासनिक और भूमि सुधारों के लिए जाना जाता है। आजादी के बाद पहली बार लोक सेवकों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों की सेवानिवृत्ति आयु में बदलाव किया गया। इस 41वें संविधान संशोधन में स्टेट पब्लिक सर्विस कमिशन और ज्वाइंट सर्विस कमिशन के चैयरमेन और मेंबर्स की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष अधिकतम कर दिया गया अथवा सेवा शुरू करने के 6 साल तक सर्विस पीरियड कर दिया गया। अनुच्छेद 316 में हुए इस संशोधन में सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के तर्क भी पेश किए गए।
आर्थिक क्षेत्र के सभी संसाधन केंद्र के अधिकार में
संविधान में किए गए 40वें संशोधन अधिनियम के तहत देश के आर्थिक क्षेत्र में आने वाली प्राकृतिक और अन्य चीजों को केंद्र के अधिकार क्षेत्र में लाया गया। इसमें खनिज पदार्थ, मूल्यवान चीजों और खानों के अलावा कई चीजों को शामिल किया गया। इसमें देश के राष्ट्रीय जल सीमा सीमाओं में मौजूद ऐसी ही मूल्यावान चीजों को भी केंद्र के अधिकार क्षेत्र में कर दिया गया। ये जल और थल की सीमाएं संसद अथवा संसद द्वारा निर्मित कानून के अधीन समय-समय पर निर्धारित की जा सकेंगी।
'दस नंबरी' बनी 'एक नंबरी'
फिल्म जगत के लिए भी 1976 का साल नए आयाम लाने वाला रहा। इस दौरान बॉक्स आॅफिस पर हेमा मालिनी और मनोज कुमार के लीड रोल्स से सजी दस नंबरी फिल्म ने कमाल दिखाया। इस फिल्म ने देश में सबसे ज्यादा कारोबार किया। दूसरे स्थान पर लैला मजनूं, तीसरे पर नागिन, चौथे पर हेराफेरी, पांचवे पर चरस रही। जबकि फकीरा छठे नंबर पर, कालीचरण सातवें, कभी—कभी आठवें, मां नौवें नंबर पर और दो अजनबी दसवें नंबर पर रही।मिथुन चक्रवर्ती को पहली ही फिल्म के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
इस साल 24वें नेशनल फिल्म अवार्ड दिए गए। कनन देवी को दादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया गया। जबकि मृगया मूवी को बेस्ट फीचर फिल्म का अवार्ड दिया गया। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने के लिये कलाकारों को जहां कई वर्षो का समय लग जाता है वहीं मिथुन चक्रवर्ती उन चंद अभिनेताओं में शामिल है जिन्हें अपनी पहली ही फिल्म के लिये यह पुरस्कार हासिल हुआ था। मिथुन को अपनी पहली फिल्म मृगया के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया।
Published on:
11 Aug 2017 07:26 am
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