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25 हजार वर्ष पुराना भूमिगत पिरामिड खोजा, दावा-यह किसी इंसान ने नहीं बनाया

रहस्य: जिस काल में बना, उस वक्त किसी सभ्यता के अवशेष नहीं

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25 हजार वर्ष पुराना भूमिगत पिरामिड खोजा, दावा-यह किसी इंसान ने नहीं बनाया

25 हजार वर्ष पुराना भूमिगत पिरामिड खोजा, दावा-यह किसी इंसान ने नहीं बनाया

जकार्ता. इंडोनेशिया के पश्चिम जावा में गुनुंग पडांग के निकट मिले भूमिगत पिरामिड का निर्माण जितना अद्भुत है, उतना ही चौंकाने वाला है वैज्ञानिकों का दावा। आर्कियोलॉजिकल प्रॉस्पेक्ट में हाल ही प्रकाशित एक पेपर के मुताबिक यह पिरामिड 27 हजार वर्ष से भी ज्यादा पुराना हो सकता है, जो सबसे पुराने ज्ञात पिरामिड से भी 22 हजार वर्ष पुराना है। शोधकर्ताओं के मुताबिक पिरामिड को देखकर लगता है कि जिस सभ्यता ने भी भी इसे बनाया होगा, उसकी समझ काफी उन्नत रही होगी, जो वर्तमान सभ्यता के अनुरूप नहीं लगती। तो क्या इसे किसी एलियन्स ने बनाया था? इस दावे पर कार्डिफ विश्वविद्यालय के पुरातत्त्वविद फ्लिंट डिब्बल तो यहां तक कहते हैं कि इंसान भूमिगत पिरामिड कैसे बना सकते हैं? इसके अलावा जिस कालखंड में इस भूमिगत पिरामिड का निर्माण हुआ, उस दौरान किसी इंसान की उपस्थिति के प्रमाण नहीं हैं। जैसे हड्डियों के टुकड़े या चारकोल के अवशेष, जो यह साबित करते हों कि मनुष्य 27 हजार वर्ष पहले गुनुंड पडांग पर रहे होंगे।

कैसे बने होंगे?
जहां तक उन्नत चिनाई तकनीकों के दावों का सवाल है, डिब्बल का अनुमान है कि प्राकृतिक अपक्षय ने चट्टानों को इस तरह आकार दिया होगा कि उनकी संरचनाएं नियोजित दिखेंगी। दूसरे शब्दों में, वर्षों के क्षरण और परतों के माध्यम से जमीन स्वाभाविक रूप से एक भूमिगत पिरामिड के आकार में घूमने लगी। इस सिद्धांत को इस तथ्य से बल मिलता है कि भूमिगत पिरामिड एक उभरे हुए पृथ्वी स्थल के पास स्थित है, जिससे पता चलता है कि संरचना किसी बिंदु पर जमीन के ऊपर थी और समय के साथ स्वाभाविक रूप से भूमिगत हो गई थी।