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5 राज्यों का चुनाव राज्यसभा का बदलेगा गणित, राष्ट्रपति चुनाव पर भी असर

यूपी होगा निर्णायक। यूपी की राज्यसभा की 10 सीटें अगले साल होंगी खाली।
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rohit panwar

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Updated: 7 Jan 2017, 1:43 PM IST

Rajya sabha seats

Rajya sabha seats

नई दिल्ली. यूपी समेत पांच राज्यों का चुनाव राज्यसभा की तस्वीर बदल देगा। साल 2018 में राज्यसभा की सूरत बदल जाएगी। इतना ही नहीं, इसके परिणाम का असर जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर भी देखने को मिलेगा।

जुलाई में राष्ट्रपति चुनाव पर भी असर

दरअसल, राष्ट्रपति को चुनने की प्रक्रिया में लोकसभा, राज्यसभा के साथ-साथ राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य भी हिस्सा लेते हैं। अगर पांच राज्यों में भाजपा बेहतर प्रदर्शन करती है तो वो राष्ट्रपति चुनाव में अपने आप को आसान हालात में पाएगी। यदि चुनाव परिणाम भाजपा या उसके सहयोगी दलों के पक्ष में नहीं आते हैं तो सत्ता पक्ष को विपक्ष के दबाव का सामना करना होगा। यूपी विधानसभा की 403 सीटें राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी भूमिका निभाएंगी। हालांकि इन चुनाव परिणामों का उपराष्ट्रपति के चुनाव पर असर नहीं होगा।

यूपी होगा निर्णायक

राज्यसभा से साल 2018 में रिटायर होने वाले 68 सांसदों में से 58 सांसद अप्रैल 2018 में रिटायर हो जाएंगे। इनमें से 10 सांसद उत्तर प्रदेश से हैं। एक सांसद उत्तराखंड से है। ऐसे में यूपी विधानसभा चुनाव में जिसे ज्यादा सीटें मिलेंगी उसके पास राज्यसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाने का मौका होगा। बहरहाल, मौजूदा समय में राज्यसभा में एनडीए के 73 सांसद हैं। यूपीए के पाले में 71 सांसद हैं। संख्या बल के हिसाब से यूपीए से एनडीए आगे है मगर बहुमत के आंकड़े (123) से एनडीए अभी भी बहुत पीछे है। संख्या बल की कमी से सत्तासीन एनडीए को राज्यसभा से कई विधेयकों को पारित कराने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। उसे अब यूपी चुनाव से उम्मीद है।

2019 तक मणिपुर-पंजाब से सीट खाली नहीं

मणिपुर और पंजाब के खाते से मई 2019 तक राज्यसभा की कोई सीट खाली नहीं होगी। चुनावी राज्यों में सिर्फ गोवा ही अकेला राज्य है जहां इस वर्ष एक सीट खाली हो रही है। इस साल राज्यसभा से कुल 9 सांसद रिटायर हो रहे हैं। इनमें गुजरात से तीन सांसद और पश्चिम बंगाल से 6 सांसद हैं। लेकिन इन जगहों के भरने के बाद इस वर्ष राज्यसभा की तस्वीर में किसी तरह का विशेष बदलाव नहीं होगा। चुनावी राज्यों के अतिरिक्त दिल्ली, केरल, मध्य प्रदेश, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, बिहार, गुजरात और तेलंगाना से भी राज्यसभा की सीटें खाली हो रही हैं। भाजपा शासित राज्यों से एनडीए को बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

राज्यसभा के लिए नामित सांसदों की भूमिका

अप्रैल 2018 में चार नामित सांसदों का कार्यकाल खत्म होने के बाद केंद्र सरकार अपने मुताबिक राज्यसभा के लिए सांसदों का चयन कर सकती है। क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और अभिनेत्री रेखा का कार्यकाल अप्रैल 2018 में समाप्त हो रहा है। ज्ञात हो कि सरकार की सलाह पर नामित सांसदों की नियुक्ति करते हैं। नामित सांसद किसी पार्टी के ह्विप से बंधे नहीं होते हैं। लेकिन सामान्य तौर पर ये देखा जाता है कि नामित सांसद सरकार के पक्ष में ही मतदान करते हैं।

आंकड़े

- 68 राज्यसभा के सांसद रिटायर्ड होंगे अगले साल
- 58 सांसद अप्रैल 2018 में होंगे रिटायर्ड
- 10 सीटें यूपी की होंगी खाली अगले साल अप्रैल में
- 73 सांसद फिलहाल एनडीए के हैं राज्यसभा में
- 71 सांसद यूपीए के हैं उच्च सदन में