
मुंबई.
भारतीय व्यवसायी अपने कारोबार को बढ़ाने व ग्राहकों की पसंद को जानने के लिए ऑनलाइन डाटा का प्रयोग कर रहे हैं। एक्सपेरियन ग्लोबल इनसाइट्स रिपोर्ट के अनुसार 99 फीसदी भारतीय व्यवसायी अपने ग्राहकों को पहचानने के लिए खूब पैसे खर्च रहे हैं। यही नहीं वह ग्राहकों के फैसले को बेहतर बनाने के लिए एनालिटिक्स व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल को अपना रहे हैं। इसके विपरीत 65 उपभोक्ताओं को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की सुरक्षा पर भरोसा नहीं है।
- 44 फीसदी भारतीय व्यवसाय कर्मचारियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित
- 99 फीसदी व्यवसाय ग्राहकों को पहचानने के लिए विभिन्न प्लेटफार्म का प्रयोग करते हैं।
- 39 प्रतिशत ग्राहक को जानिए (केवाइसी) प्रमाणीकरण पर जोर रहता है।
धोखाधड़ी
- 39 फीसदी ग्राहक के उपकरण की सुरक्षा के एप से
- 39 फीसदी कस्टमर आइडेंटिटी प्रोग्राम से धोखाधड़ी
- 56 फीसदी व्यवसाय धोखाधड़ी का पता लगाने में सक्षम
- 51 फीसदी ग्राहक ऑनलाइन गोपनीयता से चिंतित
- 37 फीसदी फिशिंग ईमेल से धोखाधड़ी होने का डर
नया तरीका
- 78 फीसदी व्यवसाय एनालिटिक्स व ग्राहक की के्रडिट के लिए बजट
- 94 फीसदी व्यवसाय कोरोना के प्रभाव से बचने के लिए व्यवस्था
- 45 फीसदी कारोबारियों ने क्रेडिट बढ़ाने के लिए बैंकों को आवेदन किया
- 93 फीसदी व्यवसाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपना रहे
मोबाइल वॉलेट
- 87 फीसदी दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल वॉलेट का प्रयोग
- 73 फीसदी प्रयोग होता है सिंगापुर में, दुनिया में दूसरे स्थान पर
- 86 फीसदी फूड/किराना ऑनलाइन ऑर्डर होता है भारत में
- 31 फीसदी उपभोक्ता खुद के भरोसे वाले व्यवसायों से डाटा साझा करने में इच्छुक
कैसे किया सर्वेक्षण
यह सर्वेक्षण आइटी, बैंकों, ई-कॉमर्स और दूरसंचार में काम करने वाले 3,000 ग्राहकों व 900 अधिकारियों से बातचीत के आधार पर किया गया। यह सर्वेक्षण सितंबर में किया गया।
Published on:
29 Jan 2021 09:37 am
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