
नई दिल्ली। इन दिनों सोशल मीडिया पर #Metoo ट्रेंड कर रहा है। ट्विटर से लेकर फेसबुक तक, हर तरफ #Metoo छाया हुआ है। #Metoo के जरिए लोगों अपने साथ हुई यौन हिंसा के बारे में बता रहे हैं। इस हैशटैग पर हॉलीवुड की तमाम सेलेब्रिटियों समेत लाखों महिलाओं ने अपनी कहानी शेयर की है।
पत्रिका.कॉम भी यौन उत्पीड़न के खिलाफ शुरु हुई इस #Metoo कैंपेन के तहत आपने पाठकों तक कुछ ऐसी आपबीती पहुंचा रहा है, जो सोशल मीडिया पर शेयर हो रही हैं।
#MeToo... उसका हाथ पूरे समय मेरे स्कर्ट के अंदर था :मल्लिका दुआ
ये मेरे बचपन की बात है, जब मैं मुश्किल से चार या पांच साल की थी। मैं अपनी दो सहेलियों के साथ कैब से स्कूल जाती थी। वापस आते टाइम मेरा लास्ट स्टॉप होता था। मेरा कैब ड्राइवर मुझसे बहुत बातें करता था- स्कूल में क्या हुआ, कितनी पढ़ाई हुई, खाना खाया या नहीं। रोज जब मेरी सहेलियां चली जाती थीं, तब वो कैब रोक कर मुझसे बात करता था।
एक दिन बात करते-करते उसने मेरी जांघों के बीच में हाथ रख दिया। मुझे कुछ अजीब-सा लगा। पर मैं बहुत छोटी थी। कुछ समझ नहीं आया कि उस समय क्या करूं। तो जैसे वो बात कर रहा था, मैंने करने दी। लेकिन फिर तो यह रोज का सिलसिला हो गया। मुझे बहुत अजीब और गंदा लगता था, जब वो हाथ लगाता था। मुझे इतना खराब लगता था कि मेरा स्कूल जाने का मन ही नहीं करता था। जब भी स्कूल जाती, तो घर वापस आने में डर लगता था कि कैब ड्राइवर फिर वही सब करेगा।
ऐसे ही एक दिन जब मैं घर वापस आई, तो मां को देखकर रो पड़ी। उनके पूछने पर मैंने उनको पूरी बात बताई। तब उन्होंने मुझे बैड टच और गुड टच के बारे में समझाया। मैं कभी नहीं सोच सकती थी कि जिस इंसान को मैं अंकल-अंकल करके बोलती थी, वो ऐसा निकलेगा।
आज भी कहीं भी जाओ, मार्किट, मॉल या कहीं घूमने.... ऐसे कुछ लोग जरूर मिल जाते हैं, जो हम लड़कियों को ऐसे देखते हैं, जैसे कि कपड़े पहनने के बावजूद हमने कपड़े ही न पहने हों।
हम लड़कियों के साथ ऐसा क्यों होता है? हमने ऐसा क्या गलत किया है, जिसकी सजा हमें मिलती है? जिस देश में देवी को पूजा जाता है, उसी देश में उसका अपमान क्यों? क्यों हम लड़कियों को रात में 7 बजे के बाद कहीं भी अकेले जाने में डर लगता है? और तो और दिन में भी हम खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते। क्यों?
Published on:
17 Oct 2017 07:08 pm
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