
नई दिल्ली: उज्जवल निकम भारतीय न्याय प्रक्रिया के वो स्तंभ हैं, जिन्होंने कई बड़े मुकदमों में दोषियों को फांसी या फिर उम्रकैद की सजा दिलवाई है। उज्जवल निकम एक सरकारी वकील हैं और वो मुख्यतौर पर हत्या और आतंकवाद जैसों मुकदमों पर ही काम करते हैं।
मुंबई धमकों में थे सरकारी वकील
उज्जवल निकम का नाम एक बार फिर से चर्चाओं में तब आया है, जब 1993 मुंबई बम धमाकों में अबू सलेम समेत सभी 5 दोषियों को सजा का ऐलान हो गया है। मुंबई की टाडा कोर्ट ने अबू सलेम को उम्र कैद की सजा सुनाई है। उज्जवल निकम को लेकर कहा जाता है कि वो हत्या और आतंकवाद के मुकदमों में दोषियों को कम से कम उम्रकैद या फांसी दिलवाने के लिए जाने जाते हैं। उज्जवल निकम ने मुंबई धमाकों के अलावा टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की हत्या का केस, प्रमोद महाजन मर्डर केस, और 2008 मुंबई बम धमाकों का केस लड़ा है।
बाकि केस में भी दिलाई है दोषियों को सजा
गुलशन कुमार मर्डर केस में 19 लोगों को आरोपी ठहराया गया था, लेकिन साल 2002 में सभी को बरी कर दिया गया था। वहीं बीजेपी नेता प्रमोद महाजन मर्डर केस भी उज्जवल निकम ने लड़ा था, जिसमें उन्होंने दोषी उनके भाई प्रवीण महाजन को दिसंबर 2007 में उम्रकैद की सजा दिलवाई थी। वहीं मुंबई गैंगरेप केस में 3 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी, वहीं एक को उम्रकैद की सजा हुई थी। आपको बता दें कि ये केस भी उज्जवल निकम ने लड़ा था।
पिता से लेकर बेटे तक सब हैं वकालत में
आपको बता दें कि उज्जवल निकम का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव में एक मराठी परिवार में हुआ था। उनके पिता देवरावजी निकम भी जज और बैरिस्टर रहे थे। उज्जव निकम ने अपनी बैचलर डिग्री साइंस में हासिल की थी, वहीं उन्होंने वकालत की पढ़ाई K.C.E Society's S. S. मनियार लॉ कॉलेज से की थी। उज्जवल का एक बेटा अनिकेत भी क्रिमिनल लॉयर है।
Published on:
07 Sept 2017 02:09 pm
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