महाराष्ट्र के नासिक में ऑक्सीजन की सप्लाई लीक होने से हुई 22 कोरोना मरीजों की मौत के बाद राजधानी दिल्ली के सेंट स्टीफेंस अस्पताल में 300 मरीजों के पास महज दो घंटे का वक्त बचा है और सर गंगाराम में 58 मरीजों के लिए पांच घंटे की। अगर इस दौरान ऑक्सीजन नहीं पहुंची, तो इनकी जिंदगी नहीं बच सकेगी।
नई दिल्ली। अभी महाराष्ट्र के नासिक में ऑक्सीजन सप्लाई लीक होने से 22 कोरोना मरीजों की मौत की खबर आई ही थी, कि राजधानी दिल्ली से एक और डरावनी खबर सामने आ गई है। दिल्ली के दो अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट गहरा गया है। जहां एक अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाली कंपनी ने अब आपूर्ति से इनकार कर दिया है और वहां भर्ती 300 कोरोना मरीजों की मौत केवल दो घंटे के फासले पर खड़ी है। वहीं, एक अन्य अस्पताल में पांच घंटे की ऑक्सीजन बची है और 58 मरीज भर्ती है। अगर समय रहते आपूर्ति नहीं की गई, तो नासिक से 16 गुणा ज्यादा मरीजों की मौत सामने है।
ताजा जानकारी के दिल्ली के तीस हजारी स्थित सेंट स्टीफेंस अस्पताल में 300 मरीजों को ऑक्सीजन पर रखा गया है। इस संबंध में सेंट स्टीफेंस अस्पताल के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि अस्पताल में फिलहाल दो घंटे की ऑक्सीजन ही बची हुई है।
उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल अपने मरीजों के जीवन को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है और तुरंत मदद की जरूरत है। दरअसल, अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली लिंडे इंडिया कंपनी द्वारा उनकी सप्लाई को रोक दिया गया है। इसके चलते 300 मरीजों के जीवन पर संकट खड़ा हो गया है।
वहीं, ताजा अपडेट के मुताबिक दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के प्रबंधन ने बताया कि वहां पर केवल 5 घंटों के लिए ही ऑक्सीजन बची है। अस्पताल में कुल 58 कोरोना मरीज भर्ती हैं, जिनमें 10 आईसीयू में हैं। जबकि 35 मरीज अस्पताल में भर्ती होने का इंतजार कर रहे हैं।
अगर समय रहते आपूर्ति नहीं पहुंची, तो नासिक की घटना कोसों दूर रह जाएगी और राजधानी दिल्ली में एक भयानक हादसा हो जाएगा। गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने तांडव मचाकर रखा हुआ है और अस्पतालों में बेड की कमी के साथ ही ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी परेशानी की एक बड़ी वजह बन चुकी है।