एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक मंगलवार को कृषि मंत्रालय, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय, श्रम-रोजगार मंत्रालय ने कांग्रेस सांसद विरप्पा मोहली की अगुवाई वाली संसद की स्थाई समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपी। जिसमें कहा गया है कि जब नोटबंदी हुई तब देश के किसान अपनी खरीफ की फसलों को बेचने और रबी की बुवाई की तैयारी में जुटे हुए थे। इन दोनों काम के लिए उन्हें अधिक तादात में नकद की जरुरत होती है। लेकिन अचानक हुई नोटबंदी की वजह से किसान के हाथ और बाजार से सारा कैश खत्म हो गया।