
एयरसेल मैक्सिस केस : कार्ति चिदंबरम की बढ़ीं मुसीबत, पटियाला हाउस कोर्ट ने मांगा जवाब
नई दिल्ली: एयरसेल-मैक्सिस मामले में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम से जवाब मांगा है। प्रवर्तन निदेशालय के निर्देश पर पटियाला हाउस कोर्ट ने 18 सितंबर तक जवाब मांगा है। गौरतलब है कि एयरसेल मैक्सिस केस में कार्ति चिदंबरम को मिली अंतरिम जमानत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय आज पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका में ईडी ने कोर्ट से अपील की है कि कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तारी से मिली राहत रद्द कर दी जाए। जिसपर पटियाला हाउस कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम से 18 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। पटियाला हाउस कोर्ट ने चिदंबरम को 7 अगस्त तक अगस्त तक चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक लग दी थी।
सीबीआई कर चुकी है चार्जशीट दाखिल
एयरसेल- मैक्सिस केस मामले में 19 जुलाई को सीबीआई ने पटियाला हाउस कोर्ट में 18 लोगों के खिलाफ नई चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम भी शामिल हैं। सीबीआई ने दोनों को आरोपी बनाया है। पी चिदंबरम पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा। सीबीआर्इ के अनुसार मैक्सिस की ओर से एयरसेल में 3,560 करोड़ रुपए के अवैध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी देने के लिए पी चिदंबरम के बेटे कार्ति ने मोटी रिश्वत ली थी। चिदंबरम को यह रुपए 2006 से 2012 के बीच मिले थे। सीबीआर्इ ने चिदंबरम पर अब तक का सबसे बड़ा आरोप लगाया ।
ED कार्ति की करोड़ों की संपत्ति कर चुकी है जब्त
विवादित है कि एयरसेल-मैक्सिस डील मामले ने एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने जनवरी महीने में कार्ति चिदंबरम के घरों में छापेमारी की थी। छापेमारी दिल्ली और चेन्नई स्थित ठिकानों पर की गई थी। इडी ने कार्ति की कुल 1.16 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियां जब्त की हैं। इसमें एडवांटेज स्ट्रैटिजिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का 26 लाख रुपये का बैंक डिपॉजिट भी शामिल है।
क्या है एयरसेल-मैक्सिस केस
एयरसेल मैक्सिस डील में मैक्सिस मलेशिया की एक कंपनी है जिसका मालिकाना हक बिजनेस टॉयकून टी आनंद कृण्णन के पास है। साल 2006 में मैक्सिस ने एयरसेल की 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी। बाकी की 26 फीसदी हिस्सेदारी अब एक भारतीय कंपनी, जो कि अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप से संबंधित है के पास है। ये डील उस वक्त विवादों के घेरे में आ गई जब 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला उजागर हुआ। आरोप है कि इस कंपनी पर नियमों की अनदेखी कर स्पेक्ट्रम अलॉट किए गए। पी चिदंबरम पर आरोप है कि जब वो देश के वित्त मंत्री थे, उस दौरान उन्होंने एफआईपीबी के नियमों की अनदेखी करते हुए एयरसेल मैक्सिस डील को मंजूरी दी थी। इस मामले में पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को भी प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी बनाया है।
Published on:
10 Sept 2018 03:42 pm
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