29 जून 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डोभाल की ‘त्रिमूर्ति’ जिसने मोदी सरकार के ‘मिशन कश्मीर’ को बनाया सफल

सरकार के 'मिशन कश्मीर' प्लान को सफल बनाने में शख्सियतों ने बड़ी भूमिका निभाई बीवीआर सुब्रमण्यम, के विजय कुमार और डीजीपी दिलबाग सिंह पर सरकार ने जताया भरोसा
2 min read
Google source verification
file photo

नई दिल्ली। मोदी सरकार 2.0 ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म कर दिया है। सरकार ने इस बड़े फैसले से पहले उच्चस्तरीय तैयारियां कर रखी थी ताकि कोई कठिनाई न हो और चीजें व्यवस्थित ढंग से हो सके।

सरकार ने इस प्लान के लिए सेना, वायुसेना, एनटीआरओ, आईबी, रॉ, अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की नौकरशाही के साथ सामंजस्य बनाया। वहीं, इस योजना को धरातल पर लाने के लिए NSA अजीत डोभाल ने मोर्चा संभाल रखा है। डोभाल के प्लान को सफल बनाने में तीन शख्सियतों ने बड़ी भूमिका निभाई है।

पढ़ें- सीजेआई रंजन गोगोई बोले- अनुच्छेद 370 पर बाद में होगी सुनवाई

बीवीआर सुब्रमण्यम

मोदी सरकार के 'मिशन कश्मीर' को धरातल पर जिसने सफल बनाया है उनमें बीवीआर सुब्रमण्यम, के विजय कुमार और डीजीपी दिलबाग सिंह के नाम शामिल हैं। बीवीआर सुब्रमण्यम जम्मू-कश्मीर प्रदेश के मुख्य सचिव हैं।

केंद्र की ओर से जम्मू-कश्मीर में इन्हें जब से जिम्मेदारी मिली है तब से वो लगातार काम कर रहे हैं। सुब्रह्मण्यम को प्रदेश और पीएमओ के बीच समन्वय का जिम्मा मिला है। वर्तमान में बीवीआर को खाद्य आपूर्ति की भी जिम्मेदारी दी गई है ताकि जनता को परेशानियों का सामन न करना पड़े।

विजय कुमार

दूसरे नंबर हैं विजय कुमार। ऑपरेशन 'वीरप्पन' को सफलातपूर्वक अंजाम देने वाले के विजय कुमार अब 'मिशन कश्मीर' को सफल बनाने में लगे हुए हैं। विजय कुमार को राज्यपाल शासन के अंतर्गत सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली हुई है।

विजय कुमार के पास सुरक्षा बलों और प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के बीच तालमेल बिठाने की भी जिम्मेदारी है। के विजय कुमार ने ही प्रदेश की जेलों में बंद आतंकियों को देश के दूसरे राज्यों में भेजने का काम किया है।

दिलबाग सिंह

इन दो के अलावा तीसरा नाम है डीजीपी दिलबाग सिंह का, जिनकी जिम्मेदारी पुलिस बल को पूरी मजबूती के साथ नेतृत्व देना है। दिलबाग सिंह प्रदेश के कई संदिग्ध पुलिस अधिकारियों को पहचानने और उनके मंसूबों को नाकाम करने में अब तक अहम भूमिका निभा चुके हैं।

इन्होंने सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ प्रदेश पुलिस के तालमेल को बनाए रखा है, जिससे हर स्तर पर इंटेलिजेंस इनपुट को शेयर करने में आसानी हो और प्रदेश की सुरक्षा को मजबूती मिले। इन तीनों की मदद से NSA अजीत डोभाल 'मिशन कश्मीर' को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहे हैं।