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श्रीनगर। हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी की रविवार को बरसी है। 8 जुलाई 2016 को ही भारतीय सेना ने बुरहान वानी को मौत के घाट उतार दिया था। कल के दिन को लेकर कश्मीर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इस अलर्ट के बीच बड़ी खबर ये आई है कि त्राल में बुरहान वानी की कब्र के पास कुछ आतंकियों को देखा गया है। बताया जा रहा है कि इन आतंकियों ने बुरहान वानी की कब्र पर फायरिंग की है।
बुरहान वानी की कब्र पर देखे गए आतंकी
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ लोगों ने बुरहान वानी की कब्र के पास आतंकियों को फायरिंग करते देखा है। बताया जा रहा है कि सभी आतंकियों ने अपने चेहरे ढके हुए थे और वो लगातार फायरिंग कर रहे थे। फायरिंग के बीच वो कब्र को सैल्यूट कर वहां से फरार हो गए। इस खबर के बाद सुरक्षाबल हरकत में आ गए हैं। माना जा रहा है कि रविवार को घाटी में हालात खराब करने की कोशिश आतंकियों की तरफ से की जा सकती है। वैसे भी घाटी में कई आतंकी संगठनों और हुर्रियत ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को बरसी मनाने फरमान जारी किया है। अलगाववादियों की तरफ से हड़ताल का आह्वान किया गया है।
8 जुलाई 2016 को मारा गया था बुरहान वानी
कश्मीर के एक न्यूज पोर्टल की खबर के मुताबिक, नकाब पहनकर आए आतंकियों ने बुरहान की कब्र के पास करीब 6 राउंड फायरिंग की। हालांकि, फायरिंग करने के बाद वो कब्र के पास ज्यादा देर नहीं रुके। आपको बता दें कि बुरहान वानी को 8 जुलाई 2016 को सुरक्षाबलों ने बमडूरा कोकरनाग में मार गिराया था।
कानून व्यवस्था ठीक करने के लिए अलर्ट पर घाटी
बुरहान वानी की बरसी के मौके पर अलगाववादी संगठनों ने कश्मीर बंद का ऐलान किया है। शनिवार को बुरहान के पैतृक गांव त्राल में रैली निकालने के आयोजन की भी घोषणा की है। दूसरी ओर कश्मीर घाटी में हाई-अलर्ट जारी कर दिया गया है। बुरहान की बरसी से दो दिन पहले घाटी में इंटरनेट सेवाएं कर दी गईं हैं। घाटी में कानून व्यवस्था न बिगड़े इसलिए पुलिस ने जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के नेता यासीन मलिक गिरफ्तार कर लिया। बुरहान वानी को 2016 में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। बुरहान की मौत के बाद घाटी में हिंसा भड़क उठी थी। वह कश्मीर घाटी में आतंक का पोस्टर बॉय बन गया था।
कौन था बुरहान वानी
बुरहान वानी आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का कमांडर था। वानी कश्मीर के त्राल में शरीफाबाद का रहने वाला था। उसके पिता मुजफ्फर अहमद वानी स्कूल के हैडमास्टर थे। बताया जाता है कि बुरहान वानी 15 साल की उम्र में घर छोड़कर आतंकवादी बन गया था। वानी का बड़ा भाई खालिद मुजफ्फर भी आतंकवादी था, जो कि मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया था।
Published on:
07 Jul 2018 05:38 pm
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