
अमरनाथ यात्रा: तैयारियां पूरी, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पहली बार किए गए ये खास इंतजाम
नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हो रही है। जो अगल महीने 26 अगस्त को खत्म होगी। बता दें कि अमरनाथ हिन्दुओं का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। इसे तीर्थों का तीर्थ कहा जाता है क्योंकि यहीं पर भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। बता दें कि यह कश्मीर के श्रीनगर शहर के उत्तर-पूर्व में स्थित है। यहां की प्रमुख विशेषता पवित्र गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग का निर्मित होना है। यात्रा में पवित्र हिमलिंग के दर्शन के लिए लाखों लोग यहां आते हैं। इसी वजह से भक्तों की सुरक्षा का ध्यान देना सरकार के लिए काफी चुनौती भरा है।
यही वजह है कि अमरनाथ यात्रा पर मंडरा रहे आतंकी हमले के साए को लेकर सरकार काफी गंभीर है। इस यात्रा की सुरक्षा को लेकर सरकार कितनी गंभीर है इस बात का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि खुद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने घाटी पहुंचकर हालात का जायजा ले रही हैं। बता दें कि पिछली बार की तुलना में इस बार सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर हाईटेक इंतजाम किया है। यानी इस साल की अमरनाथ यात्रा पिछले साल की अमरनाथ यात्रा से सुरक्षा के लिहाज से काफी अलग होगी।तो आईए जानते हैं अमनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यस्था को लेकर सरकार ने क्या इंतजाम किए हैं।
एनएसजी कमांडो
इस बार यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनएसजी कमांडो सहित ट्रेकिंग चिप और ड्रोन को शामिल किया गया है। बता दें कि दिल्ली से एनएसजी कमांडो के विशेष दस्तों को कश्मीर भेजा गया है। जो कश्मीर के अति संवेदनशील इलाकों में तैनात रहेंगे। अमरनाथ यात्रा के रूट पर यहां से आतंकी हमला होने की आशंका है, वहां इन कमांडो की नजर रहेगी ताकि तत्काल कार्रवाई हो सके।
ड्रोन की नजर
इस बार अमरनाथ यात्रा में यात्रिओं की सुरक्षा के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है। ड्रोन की अमरनाथ यात्रा के चप्पे-चप्पे पर नजर रहेगी। लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक यात्रियों पर ड्रोन की नजर होगी। लखनपुर से लेकर गुफा तक यहां यहां भी यात्रियों के काफिले रुकेंगे। वहां कैमरों से यात्रियों की सुरक्षा देखी जाएगी।
ट्रैकिंग चिप
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए वाहनों पर एक ट्रैकिंग चिप लगाए गए हैं। इसके अलावा जम्मू के भगवती नगर स्थित आधार शिविर से जाने वाले वाहनों पर भी यह चिप लगी होगी। सीआरपीएफ के पास इसका कंट्रोल रूम होगा। वह इस चिप के माध्यम से वाहन पर नजर रखेगें।
17 फीसदी ज्यादा सुरक्षा
पिछले साल की सुरक्षा व्यवस्था और इस बार किए गए सुरक्षा इंतजाम कि बात करें तो इस साल 17 फीसदी ज्यादा सुरक्षा बलों की तादाद बढ़ाई जा रही है। आपको बता दें कि पिछले साल 204 कंपनियां सुरक्षा बलों की थी उन्हें 2018 में बढ़ा कर 238 कंपनिया कर दिया गया है।
अन्य सुविधाएं
इन सब के अलावा 1364 हेल्पलाइन नंबर लोगों की मदद के लिए बनाया गया है। यात्रा को कॉन्वॉय जवाहर टनल से 1.30 बजे के बाद नहीं जाने दिया जाएगा। प्राइवेट व्हीकल पर आतंकी खतरे से निपटने और उस पर नज़र रखने के लिए उसको अलग से कार्ड दिया जाएगा। टेलीफोन कनेक्टिविटी के लिए आर्मी ने ऑप्टिकल फाइबर केबल के जरिये बीएसएनएल की लाइन अमरनाथ गुफा तक बिछाई है "प्रोजेक्ट क्रांति" के तहत यात्रियों को कनेक्टिविटी दी जाएगी।
मौसम का ध्यान
वहीं ,मौसम की वजह से यात्रियों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए भी विशेष इंतजाम किए गए है। इनमें मौसम की जानकारी के लिए डॉप्लर रडार से ली गई जानकारी हर 3 घंटे में सभी यात्रियों को रेगुलर बेसिस पर दी जाएगी। साथ ही पांच मुख्य जगहों पर LED वेदर डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है, जिससे यात्री हर समय मौसम के बारे में जानकारी लेते रहें।
यात्री स्वास्थ्य पर ध्यान
यात्रियों की स्वास्थ्य का ध्यान देते हुए पिछली बार की तुलना में इस बार और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इनमें अमरनाथ यात्रा में पहली बार सीआरपीएफ का मोटरसाइकिल दस्ता नजर आएगा। इस दस्ते में 10 से 12 सीआरपीएफ कर्मी होंगे। एक मोटरसाइकिल पर चिकित्सा कर्मी होगा। किसी की तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत मोटरसाइकिल से स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस की खास सुविधा इस बार दी गई है कुछ जगहों पर क्रिटिकल केअर इक्विपमेंट लगाए गए हैं।
Published on:
26 Jun 2018 04:00 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
