
B R Ambedkar
चेन्नई। मद्रास हाई कोर्ट के एक जज ने कहा है कि डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर कद में
कार्ल मार्क्स से ज्यादा बड़े थे। जस्टिस एस तमिलवानन ने कहा कि, दोनों ही अम्बेडकर
और मार्क्स ने लंदन स्कूल ऑफ इक्नॉमिक्स से पढ़ाई की, जोकि उनकी तस्वीरें दिखलाता
है। लेकिन अम्बेडकर ने कानून की पढ़ाई की और वे सामाजिक सुधार और क्रांति लेकर आए,
वहीं मार्क्स ने सिर्फ इक्नॉमिक्स महारथ हासिल की।
समाज के लिए बहुत कुछ किया है
चेन्नई में डॉक्टर
अम्बेडकर मेमोरियल लेक्चर प्रोग्राम के दौरान जस्टिर तमिलवान ने लोगों से आग्रह करते
हुए कहा कि, वे किसी का भी दलित के रूप में उल्लेख ना करें। उन्होंने कहा, "दलित
नाम का कोई शब्द नहीं है, प्लीज इसका इस्तेमाल ना करें।" उन्होंने कहा कि,
भारथियार, कामराज और अम्बेडकर जैसे लीडर्स ने समाज के लिए बहुत कुछ किया है, इसलिए
उन्हें एक विशेष जाति तक ही सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
अमबेडकर ने छोड़ दिया था पद
इसके अलावा उन्होंने कहा
कि एक विशेष समुदाय के लिए ही नहीं बल्कि महिलाओं, लेबर और आरक्षण के लाभ के हक के
लिए भी अम्बेडकर ने संघर्ष किया है। जज ने कहा, "आज भी संसद में प्रॉपर्टी
को लेकर महिला को एकसमान अधिकार दिए जाने को लेकर बधाएं हैं। जब संसद ने अवरोध
उत्पन्न करने शुरू किए थे, तब 1956 में अमबेडकर ने अपना पद छोड़ दिया था।" साथ ही
जस्टिस तमिलवानन ने कहा कि हिंदुत्व कोई धर्म नहीं है।
Published on:
13 Apr 2015 03:42 pm
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