
एक सितंबर को मनाई जाएगी अनंत चतुर्दशी।
नई दिल्ली। देश में इस समय त्योहारों ( Festival Season ) का सीजन का चल रहा है। इस कड़ी में एक सितंबर को इस अनंत चतुर्दशी ( Anant Chaturdashi 2020) मनाई जाएगी। इस दौरान भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के अनंत रूप की पूजा की जाती है। अनंत चतुर्दशी को अनंत चौदस भी कहा जाता है। हिंदी पंचांग के अनुसार, अनंत चतुर्दशी हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है।
पूजा का मुहूर्त और महत्व
इस समय देश में चातुर्मास चल रहे हैं, इसमें भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद इसे बांह में बांधा जाता है। कहते हैं इस सूत्र में भगावन विष्णु का वास होता है। इस सूत्र में 14 गांठेें होती है। इन गांठों को 14 लोकों से जोड़कर देखा जाता है। इस बार चतुर्दशी तिथि 31 अगस्त यानी सोमवार को सुबह आठ बजकर 49 मिनट से शुरू हो रहा है। इसका समय एक सितंबर को सुबह नौ बजकर 39 मिनट तक का है। उदया तिथि एक सितंबर को पड़ रही है, लिहाजा एक सितंबर को अनंत चतुर्दशी ( Anant Chaturdashi ) मनाई जाएगी। अनंत चतुर्दशी के दौरान लोगो व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा करते हैं। पुरुष दाहिने हाथ में अनंत बांधते हैं, जबकि महिलाएं बाएं हाथ में अनंत बांधती हैं। अनंत चतुर्दशी का महत्व भी काफी विशेष हैं। ऐसी मान्यता ह कि जो भी व्यक्ति लगातार 14 सालों तक अनंत चतुर्दशी का व्रत करता है, उसे विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। इस बार सुबह 5 बजकर 59 से लेकर नौ बजकर 41 मिनट तक अनंत चतुर्दशी की पूजा का मुहूर्त है, इसके बाद अनंत बांधा जाएगा।
14 गांठों का रहस्य
अनंत के 14 गांठों का अपना रहस्य हैं। ऐसी मान्यता है कि 14 गांठों को 14 लोकों से जोड़कर देखा जाता है। भौतिक जगत में जो 14 लोक बनाए गए हैं, उनमें ब्रह्मलोक, अतल लोक, वितल लोक, तलातल लोक, महातल लोक, पाताल लोक, भूर्लोक, भुवर्लोक, महर्लोक, जनलोक, तपोलोक, स्वर्लोक, जनलोक, तपोलक शामिल हैं। यहां आपको बता दें कि अनंत चतुर्दशी के साथ ही गणेश पूजा का भी समापण हो जाता है। इस दिन गणेश जी का विसर्जन किया जाता है।
Published on:
31 Aug 2020 12:30 pm
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