
श्रीलंका में आतंकी घटनाओं से भारत में चिंता, आतंकी संगठन तौहीद जमात ने बढ़ाई परेशानी
नई दिल्ली। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में रविवार को हुए सिलसिलेवार धमाकों से भारत में भी चिंता का माहौल है। चिंता का एक कारण यह भी है कि पड़ोसी मुल्कों में होने वाली घटनाओं का सीधा असर भारत में पड़ता है। खासकर श्रीलंका में होने वाली घटनाक्रम से भारत प्रभावित होता है। दरअसल, श्रीलंका लंबे समय तक तमिल अलगाववादी संगठनों से पीड़ित रहा है। इसका सीधा असर भारत में भी पड़ा। श्रीलंका में हालात बिगड़ने के बाद हिंसक घटनाओं की वजह से न केवल भारतीय सेना के सैकड़ों जवानों की जान गई, बल्कि तमिल आतंकी संगठन ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या भी कर दी। यही कारण है कि जब 2009 में श्रीलंका ने तमिल आतंकियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तो भारत ने चुप्पी साध ली।
वहीं, दूसरी और सीमावर्ती देश बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका में जब-जब हालात बिगड़े तो भारत उससे अछूता नहीं रह सका। पड़ोसी देशों में हिंसा भारत की आतंरिक सुरक्षा के लिए चुनौती मानी गई। इसके साथ ही पड़ोसी देश में आतंकी घटनाओं से भारत में चिंताओं के कुछ अन्य कारण भी हैं। अभी तक मिले इनपुट के अनुसार यह हमला तौहीद जमात नाम के एक आतंकी संगठन ने किया है। इसके तार इस्लामिक आतंकी संगठन आइएसआइएस के साथ जुड़े होने की खबर मिली है। खबर तो यहां तक है कि जमात में आइएसआइएस से लौटे आतंकी भी शामिल हो गए हैं।
भारत के एक वरिष्ठ सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ की मानें तो श्रीलंका हुए सिलसिलेवार धमाके वास्तव में भारत के लिए चिंता का विषय है। इसका सबसे बड़ा कारण तौहीद जमात का नाम आना है। इससे पहले भी इस संगठन के तार तमिलनाडु से जुड़े पाए गए हैं।
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Published on:
22 Apr 2019 09:01 am
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