
पंजाब व हरियाणा में जलाई जा रही पराली के कारण दिल्ली में तीसरे दिन गुरुवार को वायु गुणवत्ता जहरीली बनी रही। ऐसा हवा में तेजी नहीं होने की वजह से भी हुआ, जिससे प्रदूषकों का बिखराव रुका रहा। सफर इंडिया के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 412 के साथ राष्ट्रीय राजधानी में समग्र वायु गुणवत्ता सबसे ज्यादा प्रदूषित की बेहद गंभीर श्रेणी में बनी रही। अनुमान के अनुसार इसमें 2 नवंबर तक सुधार की संभावना है।
पिछले दो दिनों से दिल्ली में हवा के शांत होने से प्रदूषकों का बिखराव नहीं हो रहा है। उत्तर पश्चिम भारत (पंजाब व हरियाणा) में पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, यह सफर के मल्टी सेटेलाइट फायर प्रोडक्ट से स्पष्ट है।
दिल्ली के वायु की गुणवत्ता में पराली जलाने की भागीदारी का योगदान सीजन के सबसे उच्च स्तर पर रहा। यह बुधवार को 35 फीसदी रहा, इसके गुरुवार को 27 फीसदी रहने और शुक्रवार को 25 फीसदी रहने का पूर्वानुमान है।
Updated on:
1 Nov 2019, 8:21 AM IST
Published on:
31 Oct 2019, 8:19 PM IST
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