क्या अगली महामारी के लिए तैयार हैं आप? Farm Animals से सुपरबग आने को रेडी!

  • कोरोना वायरस महामारी से अभी तक नहीं उबर पाई है दुनिया।
  • फार्म एनिमल्स के जरिये सुपरबग अगली महामारी ( next pandemic ) फैला सकता है।
  • दुनियाभर की तीन चौथाई एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल फार्म एनिमल्स पर।

नई दिल्ली। इस साल की पहली तिमाही से दुनिया भर में आतंक फैलाने वाली कोरोना वायरस महामारी अभी भी जारी है और हर व्यक्ति तक इसका इलाज कब पहुंचेगा, के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन इस बीच एक अगली महामारी ( next pandemic ) भी आने को तैयार खड़ी हुई है, जिसे समय रहते नहीं संभाला गया तो देर हो जाएगी। यह महामारी जानवरों से इंसानों में आ सकती है और इसकी वजह फार्म एनिमल्स में होने वाला अत्याधिक एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल है।

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विश्व खाद्य दिवस ( World Food Day ) के मौके पर अंतर्राष्ट्रीय पशु कल्याण संगठन और वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में पाया गया है कि एंटीबायोटिक के ज्यादा इस्तेमाल से फार्म्स में सुपरबग उभर रहे हैं और ये एंटीबायोटिक प्रतिरोधी बैक्टीरिया हमारी खाद्य श्रृंखला और हमारे पर्यावरण में प्रवेश कर रहे हैं।

फैक्ट्री फार्मिंग में फार्म एनिमल को नियमित रूप से ठीक वही एंटीबायोटिक्स दिया जाता है जो गंभीर बीमार COVID-19 मरीजों के 100 प्रतिशत तक इलाज के लिए महामारी के शुरुआती चरण में इस्तेमाल किया जाता था। फैक्ट्री फार्मिंग से सुपरबग का उभरना वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक वास्तविक और मौजूदा खतरा पैदा करता है।

विश्व पशु संरक्षण द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक सर्वेक्षण से पता चलता है कि आधे से ज्यादा (52 प्रतिशत) भारतीय इस बात से काफी चिंतित हैं कि अगली महामारी फार्म एनिमल (खेत पशु) से आ सकती है। वैश्विक स्तर पर 5 में से 4 लोगों ने 15 देशों में सर्वेक्षण किया और सभी की चिंताएं एक समान थीं। 15,000 से अधिक लोगों का सर्वेक्षण किया गया और इनमें से ज्यादातर फैक्ट्री फार्मिंग से सुपरबग के खतरे से अनजान थे।

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विश्व पशु संरक्षण भारत के राष्ट्रीय निदेशक गजेंद्र के शर्मा कहते हैं, "यह रिपोर्ट और सर्वेक्षण फार्म एनिमल को एंटीबायोटिक देने के बढ़ते जोखिमों की स्पष्ट याद दिलाते हैं। इन एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करने से जानवरों के स्वास्थ्य पर और बाद में उन लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर नतीजे होते हैं, जो इनका सेवन करते हैं। हम उपभोक्ताओं से अनुरोध करते हैं कि वे फास्ट फूड रेस्तरां से खाने के लिए बेहतर की मांग करें और फैक्ट्री फार्म्स में पशुओं के बेहतर इलाज को सुनिश्चित करें।"

एक तिहाई एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल जानवरों पर

चौंकाने वाली बात है कि दुनिया में लगभग तीन-चौथाई एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल जानवरों पर किया जाता है। एंटीबायोटिक दवाओं के साथ फैक्ट्री फार्म में कम फायदा और ज्यादा मुनाफा वाले तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था, जैसे कि तेजी से बढ़ने वाले मीट चिकन को बढ़ाना। ये सभी जानवर तनावपूर्ण और तंग परिस्थितियों में रखे जाते हैं जो संक्रमण के प्रसार और बीमारी के उभरने के लिए बिल्कुल सटीक माहौल बनाते हैं।

यह ऐसे वक्त में एक काफी जोखिम भरा व्यवसाय है, जब सुपरबग्स जानवरों से लोगों में पहुंचते हैं, तो वे हमें बीमारी से लड़ने में कम सक्षम बनाते हैं। पहले से ही हर साल 7,00,000 लोग ऐसे संक्रमण से मर जाते हैं जिनका इलाज एंटीबायोटिक्स द्वारा नहीं किया जा सकता है। 2050 तक इस संख्या के प्रति वर्ष 1 करोड़ लोगों तक बढ़ने की उम्मीद है।

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टाइम बम चालू

विश्व पशु संरक्षण की हेड ऑफ फार्मिंग जैकलीन मिल्स ने कहा कि अगर महामारी हमें हैरान कर देने वाली फ्लैश फ्लड है, तो सुपरबग संकट एकमात्र पूर्वानुमानित धीमी गति से बढ़ने वाला ज्वार है। हम इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं कि फैक्ट्री फार्मिंग में एंटीबायोटिक दवाओं का अत्यधिक इस्तेमाल एंटीबायोटिक प्रतिरोधकता में वृद्धि कर रहा है। यह एक टिक-टिक करते टाइम बम की तरह है, जैसे अगर एंटीबायोटिक्स सेकेंडरी इंफेक्शंस के इलाज में अप्रभावी हो जाएं, तो यह वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को और भी बदतर बना सकता है।

सरकार उठाए कदम

मिल्स ने आगे कहा, "सरकारों को पशु कल्याण मानकों को उठाने की जरूरत है और खेत और अंतरराष्ट्रीय फास्ट फूड रेस्तरां में एंटीबायोटिक इस्तेमाल पर निगरानी और रिपोर्ट करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानवरों से उनकी आपूर्ति श्रृंखलाओं में अच्छी तरह से व्यवहार किया जाता है और एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग जिम्मेदारी से किया जाता है।"

मीट खाना कम करें

ग्रीनपीस इंटरनेशनल के वरिष्ठ रणनीतिकार, मोनिक मिखाइल ने कहा, "औद्योगिक एनिमल फार्मिंग हमारे जंगलों को काट रही है, हमारे पानी को प्रदूषित कर रही है, ग्रह को गर्म कर रही है और हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही है। हमें इंडस्ट्रियल एनिमल फार्मिंग और एंटीबायोटिक दवाओं पर इसकी अस्वीकार्य निर्भरता को समाप्त करना चाहिए, हम जो भी मांस पैदा करते और खाते हैं उसे तेजी से कम करें और पारिस्थितिक खाद्य प्रणाली की ओर बढ़ें।"

विश्व पशु संरक्षण द्वारा 15 देशों में उपभोक्ताओं के साथ वैश्विक सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्षः

  • 83 प्रतिशत लोग फार्म एनिमल से एक नई महामारी के पैदा होने की संभावना से चिंतित हैं
  • 88 प्रतिशत फार्म एनिमल से आने वाले सुपरबग के बारे में चिंतित हैं
  • 82 प्रतिशत फार्म एनिमल पर इस्तेमाल की जाने वाली विश्व की एंटीबायोटिक दवाओं की मात्रा का बेहद कम अनुमान लगा पाते हैं
  • स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव (70 प्रतिशत) या दूषित मांस (66 प्रतिशत) के कारण सुपरबग सबसे खतरनाक होते हैं
  • 92 फीसदी का मानना है कि सरकारों पर फार्म एनिमल की निगरानी और एंटीबायोटिक के इस्तेमाल पर रिपोर्ट करना चाहिए
  • 85 प्रतिशत का मानना है कि एंटीबायोटिक्स का उपयोग केवल बीमार जानवरों के इलाज के लिए किया जाना चाहिए
  • 5 में से 4 खुदरा विक्रेताओं के साथ खरीदारी करने से इनकार कर देंगे जो यह सुनिश्चित नहीं करते हैं कि जानवरों का अच्छी तरह से इलाज किया जाता है और बेचे जाने वाले मांस में जिम्मेदारी से एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल करते हैं।
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अमित कुमार बाजपेयी
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