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हथियार डीलर ने खरीदे थे राबर्ट वाड्रा के लिए टिकट? भाजपा हुई हमलावर

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राहुल गांधी चुप क्यों हैं?
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नई दिल्ली

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shachindra shrivastava

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Updated: 18 Oct 2017, 6:02 PM IST

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राहुल गांधी चुप क्यों हैं?

robert nirmala

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा एक बार फिर मुश्किलों में फंसते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि हथियार डीलर संजय भंडारी के ट्रेवल एजेंट ने वाड्रा के लिए हवाई टिकट खरीदे थे। रॉबर्ट वाड्रा के हथियार डीलर संजय भंडारी से संबंध सामने आने पर भाजपा हमलावर हो गई है। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राहुल गांधी चुप क्यों हैं? कांग्रेस नेतृत्व भी इसका कोई जवाब नहीं दे रहा है। इससे सिद्ध होता है कि वे आरोप स्वीकार कर रहे हैं।

हालांकि वाड्रा, भंडारी के साथ किसी तरह के वित्तीय लेनदेन से इनकार करते रहे हैं। इससे पहले लंदन स्थित वाड्रा के फ्लैट के नवीनीकरण के बारे में खबर आई थी कि यह भंडारी ने कराया है। एक न्यूज चैनल ने कथित तौर पर एक ईमेल के जरिये दावा किया है कि भंडारी के ट्रेवल एजेंट ने वाड्रा के लिए हवाई टिकट खरीदे थे। बताया जाता है कि यह टिकट अगस्त 2012 में खरीदे गए। इस दौरान राबर्ट वाड्रा के लिए दो टिकट खरीदे गए।

7 और 17 अगस्त 2012 के टिकट
भंडारी का ट्रेवल एजेंट इंटरनेशनल ट्रेवल होम पहाडग़ंज इलाके में है। खबर के मुताबिक, भंडारी के ईमेल आईडी (deltabhandari@hotmail.com) पर इन टिकटों को मेल किया गया था। 13 अगस्त की यह टिकट 8 लाख रुपए की थी। यह मेल 7 अगस्त, 2012 को भेजा गया। दूसरा मेल एजेंट ने 17 अगस्त को शाम 4.58 बजे भेजा। इसमें विशाल बाजपेयी ने वाड्रा के लिए स्विस उड़ान एलएक्स 563 की टिकट बुक की थी। यह नीस से ज्यूरिख के लिए थी। यह टिकट बिजनेस क्लास की विंडो सीट की थीं।

जांच के दौरान बुक हुईं टिकट
तारीखों से पता चलता है कि भंडारी ने यह टिकट स्विस कंपनी पिलेट्स के लिए जेट ट्रेन डील में उसकी भूमिका की जांच के दौरान बुक कराईं। इनमें से एक टिकट स्विट्जरलैंड की वाणिज्यिक राजधानी से ज्यूरिख के लिए बुक की गई। भंडारी पिलेट्स डील करने में सफल रहा था। वहीं भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएएल ने एचटीटी-40 को अपने प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश किया था। उस वक्त एचएएल की बोली को तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी का समर्थन हासिल था।

बीते साल मारा था छापा

आयकर विभाग ने बीते साल 27 और 30 अप्रैल को भंडारी के ठिकानों पर छापा मारा था। सरकार भंडारी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। तीन महीने पहले ईडी ने भंडारी की 20 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी। इसमें चार लक्जरी कारें भी शामिल हैं। उसके खिलाफ ऑफिसल सीक्रेट एक्ट के उल्लंघन का भी मामला है।